महराजगंज। घर बनवाने की तैयारी कर रहे लोगों पर निर्माण सामग्री की महंगाई ने बोझ बढ़ा दिया है। सरिया, बालू और मोरंग के दाम बढ़ने से सितंबर में मकान बनाना महंगा हो गया है। अगस्त के मुकाबले सितंबर में निर्माण सामग्री के रेट करीब 15 फीसदी तक बढ़े हैं। 1000 वर्गफीट के मकान में करीब तीन टन सरिया की खपत मानें तो अकेले सरिया पर ही करीब 24 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं।
पिपरा बाबू के बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी मारकंडे तिवारी के अनुसार एक अगस्त को सरिया 54 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। सितंबर के दूसरे सप्ताह में इसका भाव बढ़कर 62 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। यानी एक महीने में आठ रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई। इससे सरिया प्रति क्विंटल करीब 500 रुपये महंगा हो गया है। रमपुरवा के कारोबारी संदीप जायसवाल ने बताया कि सरिया के साथ बालू और मोरंग के दाम भी बढ़े हैं। बालू 28 से बढ़कर 30 रुपये और मोरंग 67 से 70 रुपये प्रति घन फुट हो गया है। गिट्टी के भाव में भी दो रुपये प्रति घन फुट की बढ़ोतरी हुई है।
कारोबारियों के मुताबिक बारिश के मौसम में जून, जुलाई और अगस्त के दौरान निर्माण कार्य धीमे रहते हैं। सितंबर में बारिश कम होने के साथ निर्माण कार्य गति पकड़ते हैं। मांग बढ़ने के साथ निर्माण सामग्री के दाम भी ऊपर चले जाते हैं।
पीडब्ल्यूडी ठेकेदार संघ के जिलाध्यक्ष प्रभाकर उपाध्याय ने बताया कि 1000 वर्गफीट के मकान में औसतन तीन टन सरिया की जरूरत पड़ती है। मौजूदा बढ़ोतरी के हिसाब से सिर्फ सरिया पर ही करीब 24 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च आएगा।