संतकबीरनगर। लोकसभा चुनाव वर्ष 2024 में भाजपा प्रत्याशी प्रवीण निषाद अपनी पार्टी का मजबूत किला भी नहीं बचा सके। पिछले तीन लोकसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने वाले मेंहदावल विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा को दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। खजनी विधान सभा क्षेत्र को छोड़कर सभी चार विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। खजनी में मिली बढ़त भी उसे जीत दिलाने के लिए प्रर्याप्त नहीं रही। इसकी वजह से समाजवादी पार्टी प्रत्याशी के जीत का मार्ग प्रशस्त हुआ।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रवीण निषाद को आलापुर विधानसभा क्षेत्र से 82071, मेंहदावल विधानसभा से 110318, खलीलाबाद से 84535, धनघटा से 90663, खजनी से 96435 मत मिले थे। वहीं दूसरे स्थान पर रहे बसपा के भीष्मशंकर को आलापुर में 104238, मेंहदावल में 73168, खलीलाबाद में 96230, धनघटा में 74957 के साथ ही खजनी में 80168 वोट मिले थे। इस प्रकार 467543 मत प्राप्तकर प्रवीण ने बसपा के भीष्मशंकर को 35749 मत से पराजित किया था। उनकी सर्वाधिक बढ़त मेंहदावल विधान सभा क्षेत्र में 37150 रही थी। इसके अलावा धनघटा में 15706 व खजनी में 16267 मतों की बढ़त थी। वर्तमान चुनाव में खजनी छोड़ शेष चारों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशी प्रवीण को हार का सामना करना पड़ा। खजनी विधानसभा में 10575 मतों से वह पार्टी की जीत दर्ज करा सकें। जबकि अन्य विधान सभा क्षेत्रों में औधे मुंह पार्टी गिर गई। पिछले चुनाव में 37 हजार से अधिक की बढ़त देने वाले विधानसभा मेंहदावल में इस बार 13720 मतों से हार का सामना करना पड़ा। भाजपा की सबसे बड़ी हार खलीलाबाद विधानसभा क्षेत्र में सामने आई। जहां भाजपा को 52607 मतों से करारी हार मिली। जबकि सबसे खास बात यह है कि जिले के तीनों विधान सभा क्षेत्र में भाजपा व समर्थित पार्टी के ही विधायक हैं। भाजपा प्रत्याशी प्रवीण खुद भी निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर संजय निषाद के बेटे हैं। इसके बाद भी वह निषाद मतों को अपने पक्ष में एक तरफा करने में नाकामयाब रहे।