महराजगंज। जिले में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों के यूनिट लाभार्थियों की ई-केवाईसी सुस्त गति से चल रही है। इससे खाद्यान्न वितरण में समस्या उत्पन्न हो गई है। इस कारण जरूरतमंदों को समय पर राशन मिलना मुश्किल हो रहा है। पूर्ति विभाग ने दिसंबर तक ई-केवाईसी के लिए समय निर्धारित की है। इसके बाद कोई चूक हुई तो राशन कार्ड से बाहर हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले में अंत्योदय कार्डधारक 66 हजार 619 हैं। जबकि इसमें 2 लाख 42 हजार 908 यूनिट लाभार्थी हैं। इसके अलावा पात्र गृहस्थी के चार लाख 34 हजार 531 कार्डधारक हैं। इसमें 18 लाख 52 हजार 682 यूनिट लाभार्थी हैं। पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय कार्ड में कुल 2,095,590 के सापेक्ष 13 लाख 96 हजार 281 यूनिट सदस्यों की ई-केवाईसी हुई है। शासन के निर्देश पर खाद्य पूर्ति विभाग ने खाद्यान्न वितरण में होने वाली गड़बड़ी और अपात्र और मृतकों के नाम से अनाज उठान करके राशन की चोरी रोकने के लिए सरकार कई उपाय कर रही है।
ताकि पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ मिल सके। इसके लिए सरकार ने वितरण प्रणाली में बदलाव किया है। इसमें पहले ई-पास मशीन से वितरण करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके बाद अब आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मशीन की शुरुआत की है। इस पर अनाज के साथ ही अंगूठा लगता है, तभी कोटेदार राशन दे सकता है। इसके साथ ही राशन कार्ड से आधार सीडिंग की व्यवस्था शुरू कर दी है। इसमें राशन कार्ड में परिवार के जितने लोगों का नाम है, उन सभी यूनिट लाभार्थियों का आधार सीडिंग होना अनिवार्य कर दिया गया है। 31 दिसंबर तक ई-केवाईसी आधार सीडिंग की तिथि तय की गई है।
जिले के समस्त कोटेदारों को निर्देश दिए गए हैं। अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी राशनकार्ड में जितने यूनिट लाभार्थियों का ई-केवाईसी अभी तक नहीं हुई है उनके घर पर जाकर ई-केवाईसी करें। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। 13 लाख 96 हजार 281 यूनिट की ई-केवाईसी हुई है।
-एपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी