महराजगंज। विदेशी नागरिक को अंतरराष्ट्रीय सीमा से गिरफ्तार हुए 21 दिन बीत गए लेकिन पुलिस विवेचना की बात करें तो अभी यह तक प्रमाणित नहीं हो सका है कि वह ब्रिटिश नागरिक है। ब्रिटिश दूतावास के सहयोग से अभी उसकी नई पहचान को प्रमाणित कराने का प्रयास हो रहा है।
पुलिस के मुताबिक अभी वह गिरफ्तार विदेशी मामले में चार्जशीट दाखिल करने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में यह तय माना जा रहा कि इस बार भी सुरक्षा के लिहाज से उसकी पेशी वीसी के जरिये ही होगी।
11 जुलाई को एक विदेशी नागरिक सोनौली बाॅर्डर से स्तंभ संख्या 516(22) से उस वक्त दबोचा गया जब वह बिना वीजा पासपोर्ट नेपाल में दाखिल होने का प्रयास कर रहा था। एसएसबी 22 वीं वाहिनी ने मजबूत कदगाठी वाले विदेशी पर बार्डर के निकट जायसवाल मोहल्ले के ग्रामीणों की मदद से पैर में रस्सी बांधकर काबू किया, लेकिन इस दौरान विदेशी नागरिक अपने पास के दो मोबाइल फोन तोड़ने में सफल रहा।
एसएसबी ने इसे सोनौली कोतवाली के हवाले किया जिसपर पुलिस की तरफ से आव्रजन व विदेशी अधिनियम 2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की। मुकदमे के बाद 11 की रात व 12 जुलाई दोपहर तक न सिर्फ सोनौली पुलिस, बल्कि लोकल व बाहरी इंटेलिजेंस एजेंसियों ने भी पूछताछ की लेकिन विदेशी अपने शातिर दिमाग के प्रयोग से सभी को अलग-अलग जानकारी देकर भ्रमित रखा। प्राथमिकी में विदेशी को जार्डन ब्राउन व अमेरिकी नागरिक शुरू में पुलिस ने माना और यही उल्लेख प्राथमिकी में भी किया।
12 जुलाई को दोपहर बाद इसे जिले के अपर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र प्रताप सिंह की अदालत में प्रस्तुत किया और कोर्ट ने 14 दिन के लिए कारागार में निरुद्ध करने का आदेश दिया।