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Maharajganj News: बाडी कैमरा से होंगे लैस ट्रेनों में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी

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आनंदनगर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते पुलिस महानिदेशक प्रकाश डी।
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पुलिस महानिदेशक रेलवे ने आनंदनगर का किया निरीक्षण
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ट्रेनों में सफर कर रही महिला यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर
फरेंदा। रेल में यात्रा कर रही महिला यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बेहतर की जा रही है। नई योजना के तहत अब ट्रेन में ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी बाडी कैमरा से लैस होंगे। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी। यह बातें आनंदनगर रेलवे स्टेशन पर स्थित जीआरपी थाना पहुंचे पुलिस महानिदेशक प्रकाश डी ने कहीं।
पुलिस महानिदेशक ने आगे कहा कि प्रदेश में रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से सतर्कता बढ़ाई जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा व उनके सामान की सुरक्षा प्राथमिकता है। अमृत भारत योजना के अंतर्गत सभी रेलवे स्टेशनों का विकास हो रहा है। इस पर रेलवे पुलिस की जिम्मेदारी भी अब बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों पर पत्थरबाजी और जहरखुरानी की घटनाएं रेलवे पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई हैं। इनसे निपटने के लिए ट्रेनों में सुरक्षा स्कॉर्ट की तैनाती की जा रही है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का माहौल मिल सके।
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निरीक्षण के दौरान डीजी ने बॉडी कैमरा और एक विशेष टैबलेट दिखाया। इसमें 40 हजार उन अपराधियों का डेटा है जो रेल में कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। ये तकनीक ट्रेनों में अपराध नियंत्रण में बेहद कारगर साबित हो रही है। पुलिस महानिदेशक ने निरीक्षण के दौरान थाने के लॉकअप, अभिलेख और शस्त्रागार का बारीकी से निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र, सीओ गोरखपुर विनोद कुमार सिंह, सीओ बलिया सवि रतन गौतम, जीआरपी थानाध्यक्ष पंकज कुमार यादव और आरपीएफ चौकी प्रभारी विजय तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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1500 ट्रेनों की सुरक्षा, 75 थाने तैनात
पुलिस महानिदेशक प्रकाश डी ने बताया कि प्रदेश में रेलवे पुलिस के 75 थाने और 6 प्रमुख अनुभाग-प्रयागराज, आगरा, झांसी, लखनऊ, मुरादाबाद और गोरखपुर सक्रिय हैं। इन पर करीब 1500 ट्रेनों और प्लेटफार्मों की सुरक्षा का जिम्मेदारी है। रेलवे पुलिस की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में 2325 भूले-भटके बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया। निरीक्षण के दौरान डीजी रेलवे ने कांस्टेबल प्रशांत कुमार को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। उन्होंने मोबाइल एप की मदद से आरोपी गयासुद्दीन को दौड़ाकर पकड़ने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की थी। उनको पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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