समूह की महिलाएं विशेष तकनीक से तैयार करती हैं पौधे
बेहतर उत्पादन देने के कारण किसानों में इंडो इस्त्राइल में तैयार पौधों की है अधिक मांग
आजीविका समूह की महिलाएं भी हो रही हैं आत्मनिर्भर
महराजगंज। जनपद की इंडो इस्राइल नर्सरी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल आधी आबादी की तकदीर बदल रहा है। जनपद के दो विकास खंडों मेंं संचालित इस नर्सरी के पौधों की जबरदस्त मांग है। यहां मिलने वाले विशेष तकनीक से तैयार पौधे भरपूर उत्पादन दे रहे हैं। साथ ही फसल सुरक्षित रखने के लिए कीटनाशक का उपयोग भी किसानों को नहीं करना पड़ता।
जनपद में इंडो इस्राइल उत्कृष्टता केंद्र की मदद से जनपद के दो विकास खंड में तैयार हुई। इस हाईटेक नर्सरी का निर्माण मनरेगा से उद्यान विभाग ने 2,58,07600 रुपये की लागत से कराया। एक नर्सरी निचलौल के बसुली में 1,29,03,800 रुपये से बनी वहीं दूसरी सदर के विजयपुर में गत वर्ष हैंड ओवर की गई। अब इस नर्सरी में विशेष तकनीकी से पौधे उगाए जा रहे हैं। यहां तैयार सब्जियों के पौधे किसानों को बेहतर उत्पादन दे रहे हैं। इतना ही नहीं इस नर्सरी के जरिये आधी आबादी की तकदीर भी बदल रही है। कुल 10 ग्रामीण आजीविका समूह की महिलाएं इस विशेष नर्सरी के जरिये आत्मनिर्भर हो रही हैं।
समूह में फैली उम्मीद की रोशनी
इंडो इस्राइल नर्सरी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल में विशेष तकनीक से शुरुआती चरण में सब्जियों के पौधे तैयार किए गए। इसमें नेनुआ, मिर्च व टमाटर के पौधे नवंबर व दिसम्बर में तैयार कराए गए। समूह की अध्यक्ष रोशनी के मुताबिक 40 हजार मिर्च व 17 हजार के आसपास विशेष तकनीक से तैयार पौधों की बिक्री की गई। उन्होंने बताया कि नर्सरी में उन्नतशील बीजों का प्रयोग किया जाता है। यहां पौधों को कोकोपीट, परलाइट और वर्मी कोलाइट जैसी सामग्री मिलाकर पालीहाउस में तय तापमान पर रखा जाता है। 30 दिनों के अंदर जब पौधे तैयार हो जाते हैं तब इन्हें किसानों को बिक्री के लिए उपलब्ध करा दिया जाता है। किसानों को प्रति पौध एक रुपये तो विभागों को 2 रुपये प्रति पौध उपलब्ध कराया जाता है।
अदरौना में लहलहा रही मिर्च की फसल
इंडो इस्राइल नर्सरी में तैयार विशेष गुणवत्ता वाले मिर्च के पौधे अदरौना के किसान बबलू मौर्य सबसे बड़े खरीदार थे। इन्होंने 15 हजार पौधे खरीदकर रोपाई की थी। किसान ने बताया कि फसल तैयार होने में अभी समय है लेकिन एक लाभ यह मिला है कि अब तक फसल रोग व कीटों से सुरक्षित है। अन्यथा अब तक दो बार कीटनाशक छिड़कना पड़ता। इंडो इस्राइल नर्सरी में सब्जियों की पौध तैयार करने में जुटी कुसुम, व्यासपति, मरियम व तबस्सुम ने बताया कि वह लोग प्रति दिन दो घंटा नर्सरी में देकर सब्जियों की पौध तैयार करने का काम करती हैं। अच्छी कमाई के चलते घर की माली हालत पहले से बदली है।
वर्जन
इंडो इस्राइल नर्सरी का हैंड ओवर लेने के बाद यहां उच्च गुणवत्ता के पौधों को विशेष तकनीक से तैयार करने का काम महिला समूह को सुपुर्द किया गया। पहले चरण में लगभग 60 हजार सब्जियों के पौध बिक्री किए गए। आगामी समय में नींबू, अमरुद, कटहल जैसे किसानों के लिए उपयोगी पौधे भी तैयार कराकर बिक्री कराई जाएगी।
-संजय कुमार रस्तोगी, जिला उद्यान अधिकारी।