महराजगंज। होम्योपैथिक अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही है। 26 अस्पतालों में 21 पर डॉक्टरों की तैनाती हो चुकी है। पांच अस्पताल पर डॉक्टर नहीं हैं। इससे लोगों को इलाज कराने में परेशानी होती है। एक दिन के अंतराल पर आसपास के डॉक्टर संबंधित अस्पताल में पहुंचकर मरीजों का इलाज करते हैं। बाकी दिन अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे चलता है।
जानकारी के अनुसार, जिले में 26 होम्योपैथिक चिकित्सालय संचालित हैं। इनमें से 19 निजी भवन में, तीन किराए के भवन में व चार निशुल्क भवन में संचालित होते हैं। इसमें पिपरवास, बृजमनगंज, फरेंदा, घुघली में नियमित डॉक्टर तैनात नहीं हैं। यहां पर आसपास के अस्पतालों के डॉक्टर एक दिन के अंतराल पर मरीजों का उपचार करते हैं।
बृजमनगंज के रहने वाले रामप्रीत यादव ने बताया कि बेहतर ढंग से इलाज नहीं हो पाता है। डॉक्टर तैनात रहते तो समस्या नहीं होती। अस्पताल में डॉक्टर नहीं रहने के कारण फार्मासिस्ट इलाज करते हैं। फरेंदा, घुघली का भी यही हाल है। स्थायी डॉक्टर की तैनात नहीं होने से मरीजों को इलाज कराने में परेशानी होती है। डाॅक्टर की तैनाती न होने से मरीजों की संख्या बेहद कम हो गई है। घुघली के राम अजोर कहते हैं कि फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज होता है। जिम्मेदार समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं।
जिला होम्योपैथ अधिकारी डॉ.राकेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि डॉक्टरों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। मरीजों को समस्या न हो, इसका विशेष ख्याल रखा जा रहा है।