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शिकारमाही से लोगों में गुस्सा 

Sun, 19 Jun 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/महराजगंज
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शिकारमाही - फोटो : अमर उजाला
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 लक्ष्मीपुर। कोट कम्हरिया में पोखरी के मामले में छठवें दिन तक प्रशासन की चुप्पी से गांव वाले आक्रोशित है। इसे लेकर गांववालों का धरना छठवें दिन भी जारी रहा। धरने के बावजूद तीसरे दिन भी पूर्व पट्टेदारों ने शिकारमाही कराई।    
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नौतनवां तहसील के पुरंदरपुर थाना के कोट कम्हरिया में पोखरी का मामला शांत होने के बजाय उलझता जा रहा है। एसडीएम नौतनवां के उलजलूल आदेश से नाराज गांव वाले पोखरी की मछली सहित नीलामी कराने, पूर्व पट्टाधारकों के जिम्मे बकाया धनराशि को जमा कराने व अवैध शिकारमाही कराने के मामले में पूर्व पट्टा धारकों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराने की मांग को लेकर 14 जून से विवादित पोखरी पर ही धरने पर बैठ गए।

हालांकि 16 जून को एसडीएम ने एक आदेश जारी कर स्वत: स्वीकार किया है कि पोखरे से मछली मारने के लिए पूर्व पट्टाधारकों को कोई अधिकार नहीं है। साथ ही विवाद को देखते हुए ग्राम प्रधान द्वारा भी मछली मारना उचित नहीं है। ऐसे में तहसीलदार व एसओ को अपनी अभिरक्षा में मछली निकलवाकर नीलाम कराते हुए धन सरकारी कोष में जमा कराने को कहा गया था। 
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लेकिन ऐसा नहीं हो सका। वहीं रविवार को तीसरे दिन भी पूर्व  पट्टाधारकों ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ पोखरे से मछली निकलवाई।    उधर धरना के 6 दिन बाद भी प्रशासन की उदासीनता को लेकर धरना देने वालोें में आक्रोश है।

धरने पर बैठीं ग्राम प्रधान सुनीता ने कहा कि धरने के दिन छह दिन बाद भी प्रशासन समस्याओं को सुनने व उसका निराकरण  कराने के बजाय मिली भगत करके अवैध रूप से शिकारमाही को अंजाम दिला रहा है।

जो लोकतंत्र का हनन है। अगर प्रशासन तत्काल अवैध रूप से शिकारमाही में शामिल सभी लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराते हुए मामले को हल नहीं करता तो बड़े आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा। धरने में साधू, जब्बार, भोला, खेताऊ, फागू, भूलन, नियामत, प्रहलाद, अब्बास, जोगी आदि मौजूद रहे। 
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