निचलौल। शहर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। यही कारण है कि यहां पर आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में हड्डी, दांत व कान रोग सहित आयुर्वेद विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है।
मरीजों को मजबूरी में इलाज के लिए 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पर जाना पड़ता है या फिर शहर स्थित निजी अस्पतालों में मोटी रकम खर्च कर इलाज कराना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जानकारी के मुताबिक, भारत-नेपाल बाॅर्डर से सटे ब्लॉक क्षेत्र की करीब 90 हजार आबादी इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। यहां रोजाना ओपीडी में औसतन करीब 300 मरीज आते हैं। इसमें सभी प्रकार के मरीज शामिल रहते हैं।
शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आए तीमारदार रमेश गुप्त, रामबिलास, रोगी यादव, लालसा देवी आदि ने बातचीत के दौरान बताया कि अस्पताल में हड्डी, दांत, कान रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इतना ही नहीं यहां पर ओटी टेक्नीशियन और आयुर्वेद के भी कोई विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है।
इसके चलते मरीजों को मजबूरी में इलाज के लिए 30 किलोमीटर दूरी तय कर जिला अस्पताल जाना पड़ता है या फिर शहर के किसी निजी अस्पतालों पर पहुंच मोटी रकम खर्च कर इलाज कराते हैं। इस दौरान मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।