डेढ़ साल से धूल फांक रही मशीन के संचालन की जगी उम्मीद
शासन ने सिद्धार्थनगर से डॉ. दिवाकर राय को किया तैनात
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में तेज हुई कवायद
महराजगंज। लंबे समय से सोनोलॉजिस्ट की तैनाती की राह देख रहे परतावल सीएचसी क्षेत्र के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। शासन ने सिद्धार्थनगर जिले से सोनोलॉजिस्ट डॉ. दिवाकर राय की तैनाती परतावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की है। इससे करीब डेढ़ साल से बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन के संचालन की उम्मीद जगी है। हालांकि, नौतनवां क्षेत्र में 16 साल से बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन के संचालन का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है।
जिले में स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने का मामला लगातार उठता रहा है। रेडियोलॉजिस्ट और सोनोलॉजिस्ट की कमी के चलते सरकारी अस्पतालों में लगी मशीनें लंबे समय से बेकार पड़ी हैं। इससे गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों को जांच कराने के लिए निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जाना पड़ता है। उन्हें इसके लिए अधिक रुपये खर्च करने के साथ ही समय भी गंवाना पड़ता है।
एक सितंबर को अमर उजाला ने ''''16 साल से बेकार पड़ी मशीन, नहीं हो सकी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती'''' शीर्षक से खबर प्रकाशित कर नौतनवां और परतावल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद अब शासन स्तर से परतावल सीएचसी में सोनोलॉजिस्ट की तैनाती की गई है।
परतावल सीएचसी पर प्रतिदिन करीब 110 से अधिक की ओपीडी होती है। इनमें से 30 से 35 मरीजों व गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह तो मिलती है। लेकिन जांच की सुविधा मिलने से मरीजों व गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए निजी जांच सेंटर पर जाकर अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है। जबकि सीएचसी परतावल में संस्थागत और सिजेरियन प्रसव की सुविधा है। अब जल्द ही यहां पर अल्ट्रासाउंड जांच की भी सुविधा मिल सकेगी।
नौतनवा में अभी सोनोलॉजिस्ट का इंतजार, रोज लौट रहे डेढ़ से दो दर्जन मरीज
परतावल में सोनोलॉजिस्ट की तैनाती के बाद भी जिले की दूसरी अल्ट्रासाउंड मशीन के संचालन का सवाल बना हुआ है। नौतनवां सीएचसी में करीब 16 साल से अल्ट्रासाउंड मशीन एक कमरे में रखी हुई है। यहां अब तक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। इसके चलते क्षेत्र के मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मशीन उपलब्ध होने के बाद भी इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में रोजाना डेढ़ से दो दर्जन गर्भवती महिलाओं व मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए निजी जांच सेंटर जाना पड़ता है।
वर्जन
शासन की ओर से सिद्धार्थनगर जिले से सोनोलॉजिस्ट डॉ. दिवाकर राय की तैनाती परतावल सीएचसी में की गई है। उनके योगदान देते ही अल्ट्रासाउंड जांच सेवा सीएचसी परतावल में शुरू करा दी जाएगी। वहीं नौतनवां सीएचसी में सोनोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर शासन को पत्र भेजा जाएगा।
-डॉ. सुरेंद्र चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, महराजगंज