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Maharajganj News: दहशत...जहां देखो, वहां कुत्तों का झुंड जान हथेली पर लेकर आ-जा रहे लोग

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गांधी नगर वार्ड में स्कूलों बच्चे के पीछे कुत्तों का झुंड।
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महराजगंज। शहर में कुत्तों का झुंड कहीं भी हमला कर सकता है। थोड़ी सी लापरवाही हुई तो जान जोखिम में पड़ जाएगी। कहीं-कहीं तो तेज रफ्तार बाइक देखकर कुत्ते दौड़ा लेते हैं इनसे बचने के चक्कर में बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं। ऐसे में यह कभी जानलेवा साबित हो सकता है। कुत्तों को शहर से बाहर छोड़ने के लिए जिम्मेदारों की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। ऐसे में खुद ही कुत्तों से सावधान रहने की जरूरत है।
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जानकारी के अनुसार, शहर में भाजपा कार्यालय की ओर जाने वाली सड़क पर इफको किसान सेवा केंद्र से पहले कुत्तों का झुंड रहता है। यहां अक्सर लोग कुत्तों से बचने के चक्कर में गिर जाते हैं। दो दिन पहले तेज गति से आ रहे बाइक सवार युवक को कुत्तों ने दौड़ाया तो उसने बचाव में बाइक की गति तेज कर दी। आगे जाकर बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिर गया। इससे उसके हाथ पैर में चोट लगी थी।
हेलमेट पहनने के कारण उसे सिर में चोट नहीं आई। इस रूट के अलावा गांधी नगर मोहल्ले में स्कूल से घर जाने के दौरान बच्चों को दिक्कत होती है। मोहल्ले के ज्यादातर लोग सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बच्चों को साथ लेकर घर जाते हैं। गांधी नगर के जितेंद्र बताते हैं कि मोहल्ले में कुत्तों का झुंड घूमता रहता है।
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वे आपस लड़ते-लड़ते भोकते हुए तेजी से भागते हैं। इस बीच कोई सामने आ गया तो काट लेते हैं। इनसे बचाव करना बेहद मुश्किल है। विस्मिल नगर में सुधीर बताते हैं कि मोहल्ले में हर गति में कुत्तों का झुंड दिखता है।
दिन ढलने के बाद इनका खौफ और ज्यादा बढ़ जाता है। नगर के मुख्य चौराहे से लेकर गली-मुहल्लों और विद्यालयों के आसपास में कुत्ते घूमते नजर आते हैं।
तेजी से बढ़ रही कुत्तों की आबादी पर अंकुश लगाने के लिए निकाय प्रशासन गंभीर नहीं है। सरकारी कार्यालयों तक भी इनकी पहुंच आसान है। सूर्यास्त के बाद ये कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। देर शाम आने-जाने वाले लोगों को पहले कुत्ते भौंक कर डराने की कोशिश करते हैं। इसके बाद हमलावर भी हो जाते हैं। शहर के वरूण, राकेश कुमार बताया कि आवारा कुत्तों के कारण घरों से बाहर निकलने में भी डर लग रहा हैं। आवारा कुत्तों की वजह से जहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहीं हर माह कई लोगों को काटकर जख्मी कर दे रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या तो स्कूल जाने वाले छात्रों को है।
छह माह में 18720 लोगों को कुत्ते और बंदरों ने काटा: महराजगंज। एक जनवरी से लेकर जून माह तक 18720 लोगों को कुत्ते और बंदरों ने काटकर घायल किया है। इसमें 15,726 लोगों को एआरवी का इंजेक्शन लगा है। जिले में कुत्तों और बंदरों का उत्पात बढ़ गया है। बंदर और कुत्ते हिंसक होकर लगातार लोगों को जख्मी कर रहे हैं। कुत्तों के काटने से आए पीड़ितों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न गांवों और विभिन्न नगर पंचायतों के वार्डों में एक जनवरी से लेकर जून माह तक 18720 लोगों को कुत्तों और बंदरों के काटने की पुष्टि हुई है। इसमें 15,726 लोगों को एआरवी का इंजेक्शन लग चुका है लेकिन हल्की फुल्की लगी चोटें के कारण 1994 लोगों को इंजेक्शन नहीं लगा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 4151 लोगों को इंजेक्शन की चारों डोज लगाई जा चुकी है।
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