लक्ष्मीपुर के ग्राम पंचायत हरैया रघुवीर के सिवान में तेंदुए की तलाश करते वनकर्मियों की टीम।
लक्ष्मीपुर। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के लक्ष्मीपुर रेंज के जंगल से सटे कई गांवों में तेंदुए की दहशत है। बीते कुछ दिनों से हरैया रघुवीर, धुसवा कला, मल्हनी फुलवरिया, एकमा, सोंधी, विशुनपुर कुर्थीया, मझौली सहित कई गांवों के खेतों और सिवान में तेंदुए के पैरों के निशान मिले हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय मवेशियों और बच्चों के लिए ज्यादा खतरा बढ़ गया है। तेंदुए की डर से शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। खेतों में काम करने वाले किसान और पशुपालक सबसे ज्यादा भयभीत हैं। मवेशियों को जंगल के किनारे ले जाने से भी परहेज कर रहे हैं। हरैया रघुवीर निवासी रमेश यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके खेत में पंजों के निशान दिखे थे।
वहीं, धुसवा कला के रामप्रसाद वर्मा ने कहा कि उनके गांव के पास से गुजरने वाले एक चरवाहे ने झाड़ियों में किसी बड़े जानवर की हलचल देखी थी, जिससे वह तुरंत गांव की ओर भाग आया। ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बाद भी अभी तक तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वन विभाग की टीम तेंदुए की खोज में जुटे होने का दावा कर रही है, लेकिन अब तक न तो तेंदुए का कोई ठिकाना पता चला है और न ही उसे पकड़ने के लिए कोई विशेष अभियान चलाया गया है।
मल्हनी फुलवरिया निवासी सेवक यादव ने बताया कि अगर वन विभाग जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाता, तो तेंदुआ कभी भी किसी ग्रामीण या मवेशी पर हमला कर सकता है। हमारी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तेंदुए को जल्द पकड़ा जाए और गांवों में सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। साथ ही वन विभाग की गश्त बढ़ाने और गांव वालों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की भी मांग की गई है। यदि जल्द कोई कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण विरोध प्रदर्शन को मजबूर होंगे।ी