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मौसम की बेरूखी तैयार धान की फसल पर भारी

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मौसम की बेरुखी, धान की लहलहाती फसल पर भारी
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महराजगंज। मौसम की बेरुखी से तैयार हुई धान की फसल को नुकसान हुआ है। जिले में शुक्रवार सुबह से जारी बारिश का दौर शनिवार शाम तक जारी रहा। वहीं, 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण पक कर तैयार हुई धान की लहलहाती फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। जबकि गन्ने सहित सब्जियों की फसल पर भी असर पड़ा है।
किसानों में डर सताने लगा है कि धान की फसल तैयार है। कटाई कैसे होगी। कटी फसल को सहेजने में परेशानी हो रही है। मिश्रवलिया निवासी उमाशंकर पाल ने कहा कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में पर्याप्त बारिश होने के कारण अच्छी फसल की उम्मीद थी। लेकिन, मौसम के बदले रुख से फसल को बचाना मुश्किल हो गया है। खोन्हौली निवासी नंदकिशोर ने कहा कि बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। इससे फसलें गिर कर जमीन पर बिछ गई हैं। बारिश की वजह से धान की बालियों के दाने काले हो रहे हैं। उनमें फंगस पनपने का खतरा बढ़ जाएगा। बारिश से धान की बालियां झड़ गई हैं जिससे चावल की उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ेगा।
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सिधावे निवासी किसान अनिल गुप्ता ने कहा कि बारिश से धान की भीगी अधिकांश बालियां सड़ जाएंगी। वहीं, खेतों में लगी सब्जी की फसल भी प्रभावित हुई है। जिसके चलते बाजार में सब्जी के दाम बढ़ जाएंगे। जयश्री निवासी राजू पटेल का कहना है कि इन दिनों हो रही बारिश फसल बर्बाद हो जाएगी। खेत में जलभराव से कटाई में मुश्किल है।
24 घंटे तक मौसम खराब रहने की चेतावनी
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि इन दिनों दक्षिण पश्चिम बिहार के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके चलते आगामी 24 घंटे तक पूर्वांचल के महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर आदि जिलों के भारी एवं मध्यम बारिश होने की संभावना बनी है। बारिश के दौरान 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। जबकि शनिवार को न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
बारिश से फसल की पैदावार पर असर
कृषि विज्ञान केंद्र मनिकापुर गोंडा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामलखन सिंह ने बताया कि लंबी अवधि एवं जलभराव वाले प्रजाति जैसे स्वर्ण मंसूरी आदि प्रजातियों के गिर जाने के कारण उनकी उपज में काफी कमी आने की संभावना है। इतना ही नहीं, धान का दाना पकने पर धान की बालियों में वजन आ जाती है। लिहाजा फसल बारिश में गिर जाती है। यही नही, गिरी फसलों में जलभराव के चलते काफी नुकसान होता है। धान की कम ऊंचाई वाली प्रजाति जिनमें दाना नहीं बना है। उसको गिरने की संभावना नहीं है। उन फसलों के लिए यह बारिश फायदेमंद है।
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बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव
शुक्रवार से हो रही बारिश शनिवार तक जारी रही जिससे शहर में कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। कोतवाली परिसर में जलभराव से परेशानी हुई। लोहिया नगर, विस्मिल नगर समेत अन्य स्थानों पर जलभराव के कारण दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल ने बताया कि शहर के जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नगर पालिका कर्मियों की टीम लगी है।
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