निचलौल। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सरहद से सटे बैठवलिया गांव के सिवान में हो रही अवैध खनन स्थल पर छापा मारा। इससे वहां भगदड़ मच गई। टीम ने खनन में लिप्त एक जेसीबी और आठ ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ ली। मौके से एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया। जबकि अन्य फरार हो गए।
तहसीलदार राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्र में अवैध मिट्टी और बालू खनन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन की कई टीमें गठित की गई हैं। सोमवार को टीम को मुखबीर से सूचना मिली की बैठवलिया गांव के सिवान में अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने टीम के साथ छापा मारा। इस दौरान खनन माफियाओं में अफरातफरी मच गई। मौके से अवैध मिट्टी खनन में लिप्त एक जेसीबी मशीन और आठ ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया। मौके से एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं गिरफ्तार ज्ञानेंद्र निवासी ओडवलिया के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
पांच दिन बाद भी नहीं दी तहरीर, बनी चर्चा
निचलौल रेंज के जंगल से सटे हो रही अवैध खनन को रोकने पहुंचे वन दरोगा पर 31 जनवरी को खनन माफियाओं ने जानलेवा हमला बोला था। घटना के बाद खनन स्थल पर जांच पड़ताल के लिए पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। लेकिन घटना के चार दिन बीतने के बाद भी वन विभाग की ओर से खनन माफियाओं के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी गई। इसे लेकर लोगों में कई तरह की चर्चाएं हैं। वन दरोगा पर हमले के बाद भी खनन माफियाओं के खिलाफ तहरीर देने से पल्ला झाड़ने वाले वन विभाग के जिम्मेदारों पर अब लोग कई तरह के आरोप भी लगाने लगे हैं। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि खनन करने वाले आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद एक महिला को आगे कर वन कर्मियों पर तहरीर न देने का दबाव बना रहे हैं।