परसामलिक में व्रती महिलाओं ने हलषष्ठी ब्रत मनाई।
महराजगंज। पुत्रवती माताओं ने बृहस्पतिवार को संतान की दीर्घायु के लिए हलषष्ठी का उपवास किया। सुबह-सवेरे पवित्र स्नान के बाद देवालयों में पहुंचकर पूजन के बाद आसपास लगे पवित्र कुश का पूजन भीगा चना, कच्चा महुआ व हल्दी कुमकुम के साथ किया।
मुख्यालय दुर्गा मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर व हनुमान गढ़ी परिसर, मऊ पाकड़, शिवनगर सहित अन्य वार्डों में पहुंचकर कुश पूजन कर कच्चा महुआ प्रसाद के रूप में वितरित किया। समूह में हलषष्ठी व्रत की कथा समूह में बड़ी बूढ़ी महिलाओं ने सुनाकर व्रत का महत्व बताने का कार्य किया। सूर्यास्त के पूर्व लगभग शाम तीन बजे के आसपास तिन्नी चावल, बिना जुते खेत में उपजा साग, नींबू, हरी मिर्च व घी के मिश्रण से फलाहार ग्रहण किया। ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से दो दिन पहले भगवान बलराम का जन्म माना जाता है।