महराजगंज। सड़क सुरक्षा माह में वाहन चालकों को जागरूक करने के बाद परिवहन विभाग नई तैयारी में जुटा है। नए वित्तीय सत्र से ट्राॅली और ट्राला का भी पंजीकरण आरटीओ में होगा। उस पर चेचिस और रजिस्ट्रेशन नंबर पड़ेगा।
हादसे के बाद आसानी से ट्राॅली मालिक का पता चल जाएगा। दुर्घटनाओं में चालक ट्राॅली छोड़ फरार हो जाते थे और विभाग को जानकारी नहीं होती थी कि घटना में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली का मालिक कौन है। इसलिए ट्राॅली और ट्रेलर पर नंबर और चेसिस नंबर भी दर्ज किया जाएगा, जिससे इनपर शिकंजा कसा जा सके।
जनपदीय एआरटीओ ऑफिस में 24707 ट्रैक्टर कृषि कार्य में पंजीकृत हैं। सिर्फ 12 का पंजीयन काॅमर्शियल कैटेगरी में है, जबकि अधिकतर ट्रैक्टर-ट्राॅली भट्ठों से ईंट पहुंचाने व भवन निर्माण सामग्री विक्रेता के दुकानदारों के भरोसे चल रही हैं। मानक विहीन ट्रैक्टर-ट्राॅली व ट्रेलर से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शासन के निर्देश पर विभाग अब इनपर सख्ती बढ़ाने जा रहा है। साथ ही ट्रैक्टर और ट्रेलर निर्माण करने वाले वर्कशॉप को भी मानकों के मुताबिक ट्राॅली व ट्रेलर निर्माण करना होगा, जिससे आकार दुर्घटना का कारण न बनने पाए।