महराजगंज। फरवरी से मनमाने रूट पर चालक ई-रिक्शा नहीं ले जा सकेंगे। एआरटीओ और यातायात पुलिस कर्मी सड़क सुरक्षा माह में चालकों को रूट के लिए जागरूक कर रहे हैं। अगले माह से सख्ती बरतेंगे।
जिले में 5000 ई-रिक्शा चालकों का रिकॉर्ड परिवहन विभाग के पास है। इसमें से लगभग 2000 जिला मुख्यालय पर संचालित हैं। अब तक चालक जिस रूट पर मन होता चल पड़ते थे और इनका किराया भी तय नहीं था। नो पार्किंग जोन जैसे एसबीआई, जिला अस्पताल, रोडवेज बस स्टेशन के पास पार्किंग के चलते भी परेशानी होती थी, लेकिन परिवहन विभाग और यातायात पुलिस जिला मुख्यालय के ई-रिक्शा चालकों को नंबरिंग में विभाजित करेगी।
किस रूट पर कौन से नंबर का ई-रिक्शा जाएगा इसका निर्धारण कर रिपोर्ट बनाएगी। इसमें दूरी के अनुसार किराए का भी उल्लेख होगा। ई-रिक्शा अगर निर्धारित रूठ से इतर जाता है तो सिर्फ बुकिंग में जाएगा, लेकिन उस रूट पर सवारी नहीं बैठा सकेंगे। इसके साथ ही नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने पर भी लगाम लगेगी। अगर नियमों का उल्लंघन होता है तो 1000 या इससे अधिक जुर्माना लगाया जाएगा।