महराजगंज। जिले के 101 ग्राम पंचायतों में ऑडिट के दौरान सामने आई अनियमितता और अभिलेख जमा न करने की लापरवाही पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने 101 ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर ऑडिट आपत्तियों से संबंधित अभिलेख जमा करने का निर्देश दिया है।
चेतावनी दी गई है कि समय सीमा के भीतर अभिलेख न जमा करने पर प्रधानों और पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में भू-राजस्व के माध्यम से ब्याज सहित राशि वसूली तक शामिल है। जिलाधिकारी कार्यालय की ओर जारी किए पत्र जानकारी के अनुसार, जिले की कई ग्राम पंचायतों में वर्ष 2021-2022-2023-2024-ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। इनमें विशेष रूप से ग्राम प्रधानों को अधिक मानदेय का भुगतान और विकास कार्यों में अनियमितता शामिल हैं।
ग्राम पंचायतों में पंचायतीराज विभाग, राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग के तहत होने वाले विकास कार्यों का समय-समय पर ऑडिट किया जाता है। ऑडिट में पाई गई गड़बड़ियों के निराकरण के लिए पंचायतीराज विभाग ने संबंधित पंचायतों से अभिलेख मांगे हैं लेकिन कई पंचायतें इसमें लापरवाही बरत रही हैं। इस कारण ऑडिट आपत्तियां लंबित हैं और शासन स्तर पर इनकी समीक्षा शुरू हो गई है। बृजमनगंज विकास खंड की कई ग्राम पंचायतों में प्रधानों को अधिक मानदेय भुगतान का मामला सामने आया है। उदाहरण के तौर पर, हरैया मौलाही ग्राम पंचायत के प्रधान विनोद कुमार गुप्ता को अधिक भुगतान किया गया। इसी तरह एकडेंगवा, सौरहा, बमनी बुजुर्ग और कला राजमंदिर ग्राम पंचायतों में भी प्रधानों ने 1,500 रुपये अधिक भुगतान लिए जाने की पुष्टि हुई है। इन मामलों में प्रत्येक प्रधान से आधी राशि और संबंधित पंचायत सचिव से शेष राशि ब्याज सहित वसूल करने की सिफारिश की गई है। लक्ष्मीपुर विकास खंड की करेलिया और बरगदवा अयोध्या ग्राम पंचायतों में विभिन्न परियोजनाओं के तहत अभिलेख समय पर उपलब्ध न कराने के कारण भारी अनियमितताएं पाई गईं। करेलिया में 6,89,958 रुपये और बरगदवा अयोध्या में 11,25,747 रुपये की अनियमितता सामने आई है। इन मामलों में भी प्रधान और सचिव से आधी-आधी राशि ब्याज सहित वसूल करने का निर्देश दिया गया है।