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सिक्कों के रूप में फंस रही पूंजी, कारोबारी परेशान

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सिक्को की गिनती करते व्यापारी प्रमोद। - फोटो : MAHARAJGANJ
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सिक्कों के रूप में फंस रही पूंजी, कारोबारी परेशान
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फरेंदा। एक रुपये के छोटे सिक्कों को लेकर व्यापारी हों या ग्राहक सभी काफी परेशान हैं। सिक्के की अधिकता के कारण बाजार में लेनदेन में दिक्कत आ रही है। बैंक कर्मचारी कोई न कोई बहाना बनाकर सिक्के वापस कर देे रहे हैं। सिक्के की अधिकता के चलते व्यापारियों की पूंजी फंस गई है। ग्राहक और व्यापारी के बीच सिक्के के लेनदेन को लेकर आए दिन विवाद हो रहा है। लोग सरकार से सिक्के की समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।
अगरबत्ती व्यवसायी हरिओम जायसवाल ने बताया कि किराना के व्यापार में अधिकांश खरीदार सिक्का देते हैं लेकिन उसे न तो बैंक ले रहा है और न ही ग्राहक। ऐसे में आधी पूंजी तो सिक्का में फंसकर रह गई है। बैंक में जाओ तो कर्मचारी गिनती करने में असमर्थता जताते हुए सिक्का लेने से इंकार कर देते हैं। चाय दुकानदार विनोद मद्धेशिया ने बताया कि चाय-पान की दुकान पर ग्राहक सामान के बदले छोटा सिक्का ही थमाते हैं, परंतु सिक्का लेकर जब वह किसी और दुकान पर पहुंचते हैं तो दुकानदार मना कर देते हैं।
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नमकीन के थोक विक्रेता रामअशीष प्रजापति ने बताया कि किराना की दुकानों पर सिक्का अधिक मिलता है। सिक्के अगर बैंक लें तो कोई समस्या नहीं, लेकिन बैंककर्मी सिक्के में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर कमीशन देकर सिक्का बदलना मजबूरी हो जाता है। व्यापारी प्रेम गुप्ता ने बताया कि सिक्का सरकारी मुद्रा है। इसका सम्मान करते हुए सभी को इसे चलन में रखना चाहिए। बैंक वालों की मनमानी आम आदमी पर भारी पड़ रही है। सिक्का को लेकर सभी परेशान हैं लेकिन बैंक वाले मान ही नहीं रहे।
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