महराजगंज। मैदा से तैयार नूडल्स व माइक्रोनी जैसे खाद्य के प्रति किशोरों की बढ़ती दीवानगी सेहत पर भारी पड़ रही है। मौजूदा समय में मौसम के उतार चढ़ाव के बीच यह मोटापा के साथ कब्ज की समस्या देकर उदर संक्रमण उत्पन्न कर रहे।
इससे पेट फूलने, दर्द व भूख न लगने की समस्या के सोमवार 13 रोगी पहुंचे जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम रही। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर पौष्टिक नाश्ते की सलाह के साथ दवाओं का परामर्श दिया।
सोमवार जिला अस्पताल की ओपीडी में 864 रोगियों का उपचार हुआ। सर्वाधिक रोगी वायरल फीवर, उदर संक्रमण व त्वचा रोगी अधिक रहे। 13 किशोर भी उपचार के लिए पहुंचे थे जिन्हें पेट से जुड़ी समस्या थी। जांच रिपोर्ट में खानपान संक्रमण का कारण पाया गया। डाॅ. रंजन ने जांच रिपोर्ट के आधार सलाह दी। बताया नूडल्स, मैक्रोनी, मैदे से तैयार होता है। इसका अधिक व नियमित सेवन हानिप्रद है।
अभिभावकों को नाश्ते में हेल्दी खाना जैसे हरी सब्जियां, दूध, दही, भीगा चना इत्यादि की आदत लगानी चाहिए। फास्ट फूड के नियमित खाने से पहले कब्ज फिर पेट फूलना, भूख न लगना, पेट दर्द जैसी समस्या हो रही। इसलिए सुबह नाश्ते में फास्ट फूड की जगह फल दलिया, पोहा, दूध इत्यादि का उपयोग करें। खानपान बदलाव के उपरांत उन्होंने दवाओं का परामर्श दिया।