महराजगंज। साधन सहकारी समितियों का कायाकल्प कर ग्रामीणों के लिए उपयोगी बनाया जा रहा है। जनपद में कुल 96 सहकारी समिति संचालित हैं।
इन समितियों के बिजली का खर्च शून्य करने के लिए सौर उर्जा को बढ़ावा देने के निर्देश हैं। सहकारी समितियों की बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए सोलर पैनल लग रहे हैं, लेकिन जनपद को इससे वंचित रखा गया है। सहकारिता विभाग की तरफ से विभाग के पास इसका पत्र तो मिला है, लेकिन इसमें जनपद की समितियों का जिक्र न होने से निराशा है।
जिले की 62 सहकारी समितियों को कामन सर्विस सेंटर के रूप में परिवर्तित कर ग्रामीणों को खसरा, खतौनी व अन्य प्रमाणपत्र देने की सुविधा दी जा रही है। समितियों की कमाई बढ़ी तो बिजली का खर्च भी बढ़ा, जिसका भुगतान करना एक बड़ी समस्या थी।
इससे निजात के लिए समितियों पर सोलर पैनल के सहारे रोशन करने के निर्देश प्रभावी हुए हैं, लेकिन इसमें महराजगंज की किसी सहकारी समिति को स्थान नहीं दिया गया है। जबकि 3 समितियों का संचालन जन औषधि केंद्र के रूप में भी किया जा रहा है।
जनपदीय समितियों को सोलर योजना में स्थान न दिए जाने से समिति के सचिव गण भी निराश हैं।