फरेंदा। क्षेत्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार है। जहां पर चिकित्सकों की संख्या तो भारी भरकम है, लेकिन मौके पर सिर्फ एक ही चिकित्सक ओपीडी करते मिलते हैं। इससे मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। अस्पताल की व्यवस्थाएं भी बदहाल हैं।
बृहस्पतिवार को सीएचसी की पड़ताल में खामियां नजर आईं। अस्पताल पर डाॅक्टरों की तैनाती तो करीब नौ हैं, लेकिन मौके पर एक ही चिकित्सक ओपीडी करते हुए मिले। जबकि करीब तीन लाख से अधिक आबादी के क्षेत्र में अस्पताल पर काफी कमियां देखी जाती हंै। दोपहर में करीब एक बजे ओपीडी में चिकित्सक मुकेश गुप्ता मरीजों का इलाज करते हुए मिले। उनके सामने शाहपुर जंगल की एक महिला अपने दो वर्षीय बेटे अयांश का इलाज करने पहुंची थीं।
जिसे ह्दय रोग है। उसकी जांच कर डॉक्टर ने दवा दी। महिला ने बताया कि बेटे का इलाज कराने पहुंची हूं। यहां पर बाल रोग विशेषज्ञ न होने से मजबूरी में आधा अधूरा इलाज कराना मजबूरी है। 35 वर्षीय प्रमोद को कमर दर्द की शिकायत थी। सुनीता व दुर्बली को काफी समय से बुखार की दिक्कत थी। डॉक्टर ने जांच के बाद उनको दवा दी। एक्स-रे कक्ष में टेक्निशियन इरशाद और कमलेश मिले, जो शंकर के कंधे का एक्स-रे कर रहे थे। कुनाल का हाथ फ्रैक्चर था वह एक्स-रे के लिए पहुंचे थे। पैथोलॉजी के सामने मरीजों की भीड़ लगी थी। ओपीडी कक्ष के बाहर फार्मासिस्ट गजेंद्र उपाध्याय और चीफ फार्मासिस्ट प्रमोद पांडेय मिले।
01:20 मिनट पर प्रसव कक्ष के सामने हाई रिस्क प्रग्नेसी की महिलाओं का कैंप लगा था। जहां पर डॉ. प्रज्ञा सिंह व स्टाफ नर्स गर्भवती महिलाओं की जांच कर उनको उचित सलाह दे रही थीं। वार्ड में सिर्फ एक महिला भर्ती मिली। अस्पताल पर पहुंचे रामकेश ने बताया कि यहां पर विशेषज्ञ डॉक्टर के न हाेने से काफी परेशानी होती है, जबकि क्षेत्र का महत्वपूर्ण अस्पताल है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि अगर कहीं गड़बड़ी हो रही है तो जांच के बाद सुधार करा दिया जाएगा।