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Maharajganj News: नई रेल लाइन निर्माण परियोजना..अंतिम गजट प्रकाशन अगले सप्ताह

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गजट नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वितरित की जाएगी मुआवजा राशि
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शेष बचे तीन गांव सेमराडाड़ी, मथुरा नगर और सिधवारी में पहले ही 20-ए की अधिसूचना जारी की जा चुकी
महराजगंज। जिले में नई रेल लाइन निर्माण परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेज हो गई है। रेलवे की ओर से आवश्यक औपचारिकता को लगभग पूरा कर लिया गया है और शेष तीन गांवों में अगले सप्ताह अंतिम गजट नोटिफिकेशन जारी होगा। इसके बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया भी तेजी से शुरू की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, शेष बचे तीन गांव सेमराडाड़ी, मथुरा नगर और सिधवारी में पहले ही 20-ए की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। रेलवे विभाग और भूमि अध्याप्ति विभाग की ओर से इन तीनों गांवों में अंतिम गजट नोटिफिकेशन जारी करने के लिए रेलवे मंत्रालय को पत्र भेजा गया है। अगले सप्ताह में इन गांवों के लिए भी गजट नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके तुरंत बाद एवार्ड तैयार करने और मुआवजा वितरण की कवायद शुरू कर दी जाएगी।
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प्रशासन का दावा है कि परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए हर स्तर पर तेजी लाई जा रही है। प्रस्तावित नई रेल लाइन घुघली से महराजगंज वाया आनंदनगर तक कुल 52.70 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। नई रेल लाइन के निर्माण से एक ओर यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी तो दूसरी ओर स्थानीय व्यापार, कृषि और रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी। इस नई रेल परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। रेल लाइन कुल 52 गांवों से होकर गुजरेगी। पहले चरण में 29 गांवों में रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई है। रेलवे और भूमि अध्याप्ति विभाग की ओर से इन गांवों के प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण के लिए कुल 4.76 अरब रुपये की एवार्डेड धनराशि घोषित की गई थी। अब तक 4.52 अरब रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। शेष राशि का भुगतान भी जल्द किए जाने की तैयारी है।
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स्वामित्व से संबंधित विवादों के कारण विलंब हुआ
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सुचारु रही है। अधिकांश किसानों ने समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिससे भुगतान में तेजी आई। वहीं, कुछ मामलों में गाटा संख्या और स्वामित्व से संबंधित विवादों के कारण विलंब हुआ। इन्हें राजस्व विभाग की टीमों ने मौके पर जाकर निस्तारित किया। दूसरे चरण में रेल लाइन निर्माण के लिए कुल 23 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसमें से नौ गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। इन गांवों में रुद्रापुर, रम्हौली, कांध, रुदौली भावचक, रामनगर, पकड़ी नौनिया, जंगल दुधई उर्फ चेहरी, पिपरा रसूलपुर और सिसवा अमहवा शामिल हैं। इन गांवों के प्रभावित किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए रेलवे और भूमि अध्याप्ति विभाग की ओर से कुल 1.90 अरब रुपये की एवार्डेड धनराशि घोषित की गई है। अब तक 93.18 करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों को वितरित किया जा चुका है। दूसरे चरण के इन गांवों में भी मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए विशेष टीमें बनाई की गई हैं।
गांव जाकर किसानों के अभिलेखों का कर रहे सत्यापन
भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय की ओर से राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और अन्य संबंधित अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों के अभिलेखों का सत्यापन कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों के दस्तावेज पूर्ण हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। इसी क्रम में 11 गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए रेलवे की ओर से अंतिम गजट नोटिफिकेशन पहले ही जारी किया जा चुका है। इन गांवों में खजुरिया, महदेवा, गोबिंदपुर, गोपालापुर, खनुआ, परसिया बुजुर्ग, देउरवा, जंगल जोगिया बारी, अलहदिया महदेवा, गोपालापुर और कम्हरिया बुजुर्ग शामिल हैं। इन गांवों में अब रेलवे और भूमि अध्याप्ति विभाग की ओर से एवार्ड तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत प्रभावित किसानों की खेतों की गाटा संख्या का मिलान किया जा रहा है। इसके बाद मुआवजा दर निर्धारित कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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वर्जन
जिले में नई रेल लाइन निर्माण के दायरे में आने वाले प्रभावित किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुआवजा दरें नियमानुसार तय की जा रही हैं। यदि किसी को मुआवजा राशि या प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है तो उसका समाधान संबंधित कार्यालय में आवेदन देकर कराया जा सकता है।
-नंद प्रकाश मौर्य, प्रभारी उप भूमि अध्याप्ति अधिकारी
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