महराजगंज। जालसाजों का नेटवर्क जिले में मजबूत है। बातों के जाल में उलझाकर रकम लेकर रफूचक्कर हो जा रहे हैं। पीड़ित केस दर्ज कराने के बाद हाथ मलते रह जा रहे हैं। पहले तो परेशानी हो रही है। दूसरे रकम भी हाथ से चली जा रही है। एक माह के आंकड़ों पर गौर करें तो करीब आठ से अधिक से मामले में ठगी के सामने आए हैं। इन सभी मामलों में कार्रवाई हुई। ठगों ने सभी से अगल-अलग तरीके अपनाकर रकम ऐंठ ली।
बीते दिनों जालसाजों ने एक सीएचओ से ठगी की। तबादला कराने के नाम पर ठगी की गई थी। प्रकरण पुलिस के संज्ञान में आते ही केस दर्ज हुआ है। इस प्रकरण में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों ने सीएचओ से पहले बात में उलझाकर भरोसा दिलाया। जब पूरी तरह से भरोसा हो गया तो रकम की मांग की। जालसाज से अपने आप को सचिवालय में काम करने की बात कही। उसने दो चार अधिकारियों का नाम बताकर खुद को सही साबित किया था। पूरे 2.90 लाख लेकर हड़प लिए थे। इस पूरे खेल में जालसाजों ने सीएचओ के अलावा उसके शुभचिंतकों से भी ठगी की। पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि रकम वापस लेने के लिए पांच महीनों तक मुख्य आरोपी अर्जुन रावत के संपर्क में रही, लेकिन उसने वापस नहीं किया। इतना ही नहीं आरोपी फोन कर जानमाल की धमकी देने लगा। इस मामले में आरोपियों का पता नहीं लग रहा है।
दूसरी ओर से सिंगापुर भेजने के मामले में ठगी बीते दिन हुई थी। पीड़ित नेपाल के पाल्ही नंदन ग्राम कुसमा, नवलपरासी का रहने वाला नसरूद्दीन भी परेशान है। केस दर्ज कराने के बाद यह भी हाथ मल रहे हैं। इनके अलावा 11 लोग भी ठगी के शिकार हुए हैं। अब तक न तो काम मिला, न ही रकम मिल सकी है। पीड़ित ने बताया कि आरोपी अब तो फोन भी रिसीव नहीं कर रहा है। केस दर्ज होने के पहले तक झूठा दिलासा देता है। ठूठीबारी पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि मामला सामने आने पर केस दर्ज किया जाता है। लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है।