महराजगंज। भारत-नेपाल सोनौली सीमा पर दूसरी बार भारतीय आधार कार्ड के साथ नेपाल का नागरिक मिला तो हडकंप मच गया। मामले की जांच हुई तो हकीकत सामने आ गई। आधार नियम के अनुसार बना मिला तो उसे छोड़ दिया गया।
इन दिनों सीमा पर आईडी की कड़ाई से जांच की जा रही है। नेपाल से आने वाले सभी यात्रियों और पर्यटकों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार देर शाम एसएसबी जवान सीमा पर रूटीन जांच कर रहे थे। इस दौरान एक व्यक्ति पैदल ही भारत में जाने के लिए प्रवेश किया। गेट पर जवानों ने उससे आईडी मांगी तो उसने नेपाल की नागरिकता के साथ गलती से भारत का आधार भी दिखा दिया।
दोहरी नागरिकता देखने के बाद जवानों ने उसे रोक लिया और पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहन धात्री क्षेत्री निवासी नवल परासी नेपाल बताया और रानीपुर छितुपुर वाराणसी भारत के पते का आधार दिखाया। इसके बाद पूछताछ के साथ ही प्रपत्रों की जांच की गई।
इसमें पाया गया की नियम के अनुसार ही आधार समेत अन्य प्रपत्र बने हैं। नियम के मुताबिक सेवा प्रदाता एजेंसी भारत में काम करने वाले नेपाली नागरिकों का आधार कार्ड और पैन बनवा सकती है। क्योंकि इससे पारिश्रमिक भुगतान में समस्या नहीं होती है। जांच हुई तो कोई गड़बड़ी नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। उधर, बीते सप्ताह बुटवल की एक महिला को आव्रजन विभाग ने बंगाल के भारतीय आधार कार्ड और पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार किया था। जिसे पुलिस ने जेल भेज दिया था।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजित प्रताप सिंह के अनुसार, पकड़े गए नेपाली नागरिक के प्रपत्रों की जांच की गई। इसमें सब कुछ नियम के अनुसार मिला। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। सीमावर्ती क्षेत्र में कड़ी निगरानी की जा रही है।