महराजगंज। जिला कारागार से शनिवार को नेपाल की भावना गुरुंग को जमानत पर रिहा कर दिया गया। यह जानकारी जेल अधीक्षक की तरफ से दी गई है।
नेपाल के वीरगंज बुटवल निवासी भावना गुरुंग को 28 मई को जिला सेशन कोर्ट ने एक लाख रुपये के बंध पत्र व इतनी ही राशि के दो स्थानीय गवाहों की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। शनिवार को जमानत प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद उसे रिहा किया गया।
भावना को गलत पहचान दिखाकर भारतीय पासपोर्ट पर सोनौली स्थित आव्रजन कार्यालय से स्टैंड का प्रयास करने के मामले में इमीग्रेशन अधिकारी उमेश कुमार की तहरीर पर सोनौली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
16 मई को दोपहर दो बजे भावना भारतीय पहचान दिखाकर पासपोर्ट पर अनुमति के लिए पहुची थी। आव्रजन अधिकारी को उसके नेपाली होने पर संदेह हुआ तो महिला आव्रजन अधिकारी हिना तोमर ने कड़ाई से पूछताछ तो पता चला कि वह नेपाल की निवासी है और भारतीय पासपोर्ट से हांगकांग जाकर घरेलू नौकरी करने की मंशा रखती है, लेकिन नेपाल सरकार ने घरेलू कामकाज के लिए नेपाल नागरिकों पर प्रतिबंध लगा रखा है जिसके कारण वह भारतीय पासपोर्ट बनवाकर जाने का प्रयास कर रही थी। सोनौली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर भावना को जेल भेज दिया। 28 मई को महिला की तरफ से एडवोकेट रमाकांती त्रिपाठी जमानत देने की मांग करते हुए कोर्ट में बताया कि महिला की कोई गलत मंशा नहीं थी और न ही वह अपराधी है। सेशन न्यायाधीश ने उनकी दलीलों पर विचार करने उपरांत एक लाख रुपये का बंध पत्र व इतने ही राशि का दो जमानतदार प्रस्तुत करने के उपरांत जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।