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Maharajganj: दो अरब से ज्यादा के कारोबार पर लगा ग्रहण, नेपाल अब भारत से नहीं मंगाएगा प्लास्टिक सजावट सामग्री

Sun, 31 Jul 2022 04:17 PM IST
शाहरुख खान संजय कुमार पांडेय, अमर उजाला, महाराजगंज

सार

नेपाल सरकार ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के क्रम में एक बड़ा  फैसला लिया है। नेपाल ने भारत से प्लास्टिक सजावट सामग्री और फूलों के गुलदस्ते मंगाना बंद कर दिए हैं, इससे करीब दो अरब से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ है।
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प्लास्टिक उद्योग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नेपाल ने भारत से प्लास्टिक सजावट सामग्री और फूलों के गुलदस्ते मंगाना बंद कर दिया है, इससे करीब दो अरब से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। नेपाल के व्यापारियों के मुताबिक प्रतिबंध अधिक दिनों तक रहा तो उधारी फंसने की संभावना है। बीते सप्ताह नेपाल सरकार ने प्रतिबंध लगाया है। इसका असर कारोबार पर पड़ रहा है। नेपाल सरकार ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के क्रम में यह फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार दिल्ली, महाराष्ट्र, कोलकाता, कानपुर से बनावटी फूलों का कारोबार ज्यादा होता है।
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भारत ने नेपाल ने प्लास्टिक सजावट सामग्री और फूलों के गुलदस्ते मंगाना बंद कर दिया तो नेपाल के लिए चीन बड़ा बाजार हो सकता है। भारत से ज्यादातर यह समान रकसौल सीमा से पास होता है। सोनौली सीमा से यह सामान ट्रांसपोर्ट में बुक होकर नेपाल के अलग अलग क्षेत्रों में पहुंचता था। प्रतिबंध लगने के कारण नेपाल में अब त्यौहार में घर की सजावट के लिए मुश्किल हो जाएगी। 

प्लास्टिक उद्योग से जुड़े कारोबारियों के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने का फैसला स्वागत योग्य है। नेपाल भंसार विभाग के अनुसार करीब 2 अरब रुपए से अधिक के फूल गुलदस्ते का सालाना का कारोबार भारत से हुआ था। त्यौहार के शुरू होने से पूर्व ही नेपाल सरकार ने इस पर रोक लगा दिया है। 
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त्योहारों में अधिक होती है मांग 
नेपाल में ऐसी सामग्री विशेष रूप से दशहरा, दीवाली, छठ एवं भाइटिका त्योहारों के दौरान काफी संख्या में मंगायी जाती थी। त्योहार निकट आ रहे हैं। नेपाल में प्लास्टिक के स्टोन स्टैचू, सनफ्लावर, हरि पीली पत्तियों की लड़ी, फूलों के गुलदस्ते, गमलों की काफी मांग है, जो भारत सहित चीन से नेपाल के व्यापारी मंगाते हैं। त्यौहार के समय इसका कारोबार चार गुना तक बढ़ जाता है।
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दशहरा, दीपावली, भाईटीका के समय घर, प्रतिष्ठान सजावट के लिए बनावटी फूलों, गमलों की ज्यादा मांग रहती है। फूल उच्च गुणवत्ता फाइबर से बने होते हैं, जो बिल्कुल प्राकृतिक दिखते हैं। नेपाल में आयात रुकने से व्यापार में मुश्किल हो गया है। नेपाल में मांग के अनुसार भारत और चीन से अधिक मात्रा में इसे मंगाया जाता था।
विशाल पटवा, रूपनदेही, व्यापारी

रक्सौल बिहार सीमा से त्यौहार के सीजन में करीब दो सौ ट्रक और कंटेनर में रंग बिरंगे कृतिम प्लास्टिक के फूलों का आयात होता था। जिसे लोग घर को सजाने शादी विवाह आदि मांगलिक कार्यो के लिए प्रयोग करते हैं। अगर प्रतिबंध लंबे समय तक रहा तो इस व्यापार से जुड़े हजारों लोगों का उधारी की रकम डूब जाएगी।
मोहम्मद सज्जाद, बुटवल, व्यापारी

सोनौली सीमा सहित नेपाल भारत सीमा से प्लास्टिक के फूलों के गुलदस्ते आयात किए जाते थे। जिसके उत्पादन, आयात, बिक्री, वितरण या भंडारण पर नेपाल सरकार ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
तीर्थराज पासवान, सूचना प्रवक्ता, भैरहवा भंसार कार्यालय
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