महराजगंज। परिवार रजिस्टर के डिजिटलाइजेशन व स्कैनिंग कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में डीपीआरओ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने जिले के 51 पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके साथ ही जिलाधिकारी के निर्देश पर इन सभी सचिवों के अगस्त माह का वेतन रोक दिया गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार, जिले के विभिन्न विकास खंडों में कार्यरत सचिवों ने परिवार रजिस्टर के डिजिटलाइजेशन और स्कैनिंग कार्य में लापरवाही बरती गई है। इस कार्य के लिए बार-बार निर्देश दिए गए थे, जिसमें ग्राम पंचायत पिपरपाती, विकास खंड परतावल के पंचायत भवन पर परिवार रजिस्टर उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसके बावजूद, कई सचिवों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया,जिसे कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन माना गया है। इस लापरवाही के कारण डिजिटलाइजेशन प्रक्रिया में देरी हुई है। डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने बताया कि 51 सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अगस्त माह का वेतन रोका गया है। बताया कि पनियरा विकास खंड से परमेश्वर दूबे, प्रकृति नायक, रंजन गौड़, ओमप्रकाश सिंह, अरुण कुमार ठाकुर, और विवेक कुमार,मिठौरा से अशोक निगम, सुनील गुप्ता, अमरेंद्र राज यादव, और सर्वोत्तम विश्वकर्मा,लक्ष्मीपुर से प्रमोद यादव, शिवसागर पांडेय, विवेक पटेल, प्रबल प्रताप सिंह, और बृजेश कुमार, फरेंदा से सुरेश कुमार, धानी से यदुनंदन यादव और हेमंत त्रिपाठी शामिल हैं।