मणिपुरी महिला को रिमांड पर लेकर हासिल की जानकारी
गिरफ्तार एक अफ्रीकी मूल तो दूसरा थाईलैंड नागरिक
महराजगंज। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रविवार देर रात अंतरराष्ट्रीय सीमा सौनौली से दो नशे के सौदागरों को दबोचा है। एनसीबी को मणिपुरी महिला से पूछताछ के आधार पर दोनों आरोपियों के बारे में जानकारी मिली है। यह महिला पांच जुलाई 2026 को 2.5 किलो मेथाक्वॉलोन ड्रग्स के साथ पकड़ी गई थी।
जानकारी के अनुसार, एसएसबी ने पांच जुलाई 2026 को नोमेंस लैंड स्तंभ संख्या 517 (2) के पास टी. संग मार्गहिंग को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 2.5 किलो मेथाक्वॉलोन ड्रग्स बरामद हुआ था। मामले में गोरखपुर से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो गोरखपुर की टीम भी पहुंची थी। नेपाल से आ रही इस महिला के ट्राली बैग स्कैनर से चेक किया गया तो स्कैनिंग में संदिग्ध वस्तु दिखने पर सुरक्षाकर्मियों ने बैग की गहन तलाशी ली।
तलाशी में बैग के अंदर बने विशेष खांचे से कार्बन पेपर में लिपटे पैकेट मिले। ड्रग डिटेक्शन किट से पुष्टि हुई कि यह पदार्थ मेथाक्वॉलोन ड्रग्स था। मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने मादक पदार्थ जब्त कर महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की। एनसीबी मामले की तह तक जाने के लिए उन विदेशियों को दो दिन पहले दबोचा है जो इस महिला के साथ नशे की यह खेप भारत तक पहुंचाने का कार्य कर रहे थे। गिरफ्तार दोनों आरोपियों में एक विदेशी मूल और दूसरा थाईलैंड का निवासी बताया जा रहा है।
एनसीबी 21 जुलाई को दी रिमांड की अर्जी
मणिपुरी महिला को एनडीपीएस एक्ट में अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय की कोर्ट में प्रस्तुत किया गया जहां से इसे जिला कारागार निरुद्ध करने का कोर्ट ने आदेश दिया। मणिपुरी महिला के अधिवक्ता डिफेंस काउंसिल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आशुतोष पांडेय रहे। उन्होंने बताया कि एनसीबी के अधिवक्ता ने 21 जुलाई को अदालत में महिला को रिमांड पर लेने की अर्जी प्रस्तुत की जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया था। एनसीबी ने उस महिला से पूछताछ की जिसमें उसने यह बताया कि उसके साथ उसका भाई और दो अन्य विदेशी नागरिक थाइलैंड से साथ आए और उनके कहने पर ही वह ट्राली बैग लेकर भारतीय सीमा में दाखिल हो रही थी। यह भी बताया था कि उसका भाई दिल्ली में रहकर इस कारोबार को संभाल रहा था। ऐसे में संभव है कि एनसीबी ने दिल्ली स्थित उसके भाई का आवास जांचा हो और वहां से मिली जानकारी के आधार पर रविवार सोनौली सीमा से गिरफ्तारी की हो। लेकिन वह गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं कर सकते क्योंकि अब उक्त विदेशी महिला ने एक निजी अधिवक्ता हायर कर लिया था जिसके कारण उन्होंने खुद को इस केस से अलग कर लिया था।