वही बारिश और ठंड से बचने के लिए लंबे समय से आवास आने का इंतजार कर रही थी। इसी बीच जानकारी मिली कि पीएम आवास योजना की सूची में उनका नाम 15वें पर दर्ज है। सूची में नाम आने के बाद उम्मीद जगी थी कि अब बुढ़ापे में बच्चों के साथ जीवन अच्छे से कट जाएगा।
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इन्होंने डीएम को दिए नोटरी में कहा है कि आवास देने के लिए जिम्मेदार उनसे 10 हजार रुपये की मांग करने लगे। गरीब होने के चलते रकम इकठ्ठा नहीं कर पाई। जिसके चलते जिम्मेदारों ने उनका नाम आवास सूची से कटवा दिया। जबकि रकम देने वाले अपात्रों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। ऐसे में इन्होंने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
महराजगंज जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा की मामले में पीड़िता से शिकायत मिली है। आवास योजना में धांधली की जांच कराने के लिए निर्देशित किया गया है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।