महराजगंज। सरकारी योजनाओं के लिए तय शर्तों के साथ पात्रों की तलाश मुश्किल बनी हुई है। सबसे खराब स्थिति शादी अनुदान योजना में मिल रही है। बीते वित्तीय सत्र में समाज कल्याण विभाग को लगभग 1200 से अधिक जोड़ों का लक्ष्य मिला था, लेकिन आधा लक्ष्य ही पूर्ण हो सका।
इसे देखते हुए इस बार लक्ष्य आधा कर दिया गया। इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग कल्याण को 1146 लक्ष्य दिया गया, लेकिन अब तक सिर्फ 466 जोड़ियां ही विभाग खोज सका। पिछड़ा वर्ग कल्याण एक लाख वार्षिक की आमदनी वाले परिवार की दो बेटियों के लिए 20-20 हजार रुपये की अनुदान राशि उपलब्ध कराता है।
इसके लिए 1146 लक्ष्य विभाग को दिया गया। 578 के लिए धनराशि लगभग 1.14 करोड़ की धनराशि भी विभाग प्राप्त कर चुका है, लेकिन प्राप्त रकम के सापेक्ष भी लाभार्थी नहीं जुटा सका। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 466 के आवेदन आए जिसमें 25 अपात्र पाए गए।
इसके साथ ही 28 आवेदन एसडीएम स्तर से तो 117 खंड विकास अधिकारियों के स्तर से सत्यापित नहीं हुए जिससे पता ही नहीं कि यह आवेदन करने वाले पात्र भी हैं अथवा नहीं। जबकि विभाग आवेदन कराने के लिए ब्लाक से लेकर सचिव तक व नगर निकायों में अध्यक्ष से लेकर सभासद तक से सहयोग ले रहा, बावजूद पात्रता मापदंड के मुताबिक आवेदकों तक पहुंचने में पीछे है।
573 जोड़ियों के लिए 1.14 करोड़ रुपये मिले हैं। अबतक आवेदन सिर्फ 466 आए हैं। अभी 145 का सत्यापन शेष है। सत्यापन पूरा होने पर सभी पात्रों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।
-कन्हैया यादव, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी