खाते में आई था साइबर ठगी का था रकम, जांच में खाताधारक पर तीन शिकायतें दर्ज मिलीं
महराजगंज। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक कथित म्यूल खाते का खुलासा करते हुए उसके धारक के विरुद्ध कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पुलिस को मुख्यालय लखनऊ से भारतीय स्टेट बैंक के एक संदिग्ध खाते की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान संबंधित खाते को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर सत्यापित किया गया तो खाताधरक के विरुद्ध साइबर ठगी से संबंधित तीन शिकायतें दर्ज मिलीं।
पहली शिकायत में 1.30 लाख रुपये, दूसरी में 25 हजार रुपये और तीसरी शिकायत में 60 हजार रुपये की ठगी की धनराशि इसी खाते में स्थानांतरित की गई थी। तीनों मामलों में कुल 2.40 लाख रुपये की साइबर ठगी की रकम खाते में आने की पुष्टि हुई।
इसके बाद पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक से खाते का विवरण, खाताधारक का नाम-पता और एक जनवरी 2025 से 30 जून 2026 तक का बैंक स्टेटमेंट प्राप्त किया। जांच में पता चला कि खाता मोहम्मद सरीफ निवासी आजाद नगर वार्ड संख्या-15, नगर पालिका परिषद के नाम पर संचालित है।
बैंक स्टेटमेंट के विश्लेषण में सामने आया कि 11 फरवरी 2025 से 25 जून 2026 के बीच उक्त खाते में कुल 11,46,680 रुपये जमा हुए, जबकि 11,46,418 रुपये की निकासी भी की गई। खाते में लगातार बड़ी धनराशि के लेन-देन और साइबर ठगी की रकम प्राप्त होने के आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे साइबर अपराध में प्रयुक्त म्यूल खाता माना है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना के दौरान खाते में हुए सभी वित्तीय लेन-देन, धनराशि के स्रोत, लाभार्थियों तथा साइबर ठगी गिरोह से संभावित संबंधों की गहन जांच की जाएगी। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सदर कोतवाल निर्भय सिंह ने बताया कि खाताधारक मोहम्मद सरीफ निवासी आजाद नगर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।