महराजगंज। महराजगंज महोत्सव में अंतिम कार्यक्रम कवि सम्मेलन हुआ। इसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से सभी को मंत्रम कर दिया तालिया की बूंद से स्रोतों ने उनका उत्साहवर्धन किया।
कवि पद्मश्री सुनील जोगी ने मंच का संचालन किया। उन्होंने कविता के जरिए यूपी को सबसे सुरक्षित बताया। कवयित्री शशि श्रेया ने सरस्वती बंदना सुनाया l मां शारदे शारदे..हर सृजना में मनुजता का साथ हो लोकेश त्रिपाठी ने इधर रोज उसके कई पैगाम आए हैं.. कहा चटके हुए शीशे काम आए हैं। रूठ जाए तो माना लीजिए। कवि रघुबर आनंद ने दर्द तूने दिए होता कैसे, मैं किसी और होता कैसे..कविता के जरिए परेशान कर लो हमें चाहे जितना.. नंदनी श्रीवास्तव ने भोजपुरी में कविता सुनाई। दूई कदम साथ चल के थक गईल हो...इसके अलावा डॉ. कलीम कैसर, सूरज राय सूरज, नीलोत्पल मृणाल, डॉ कमलेश राय, भोजपुरी, लोकेश त्रिपाठी, शशि श्रेया कवयित्री, रामायण धर द्विवेदी ने भी अपनी रचनाओं को सुनाकर सभी का मन मोह लिया। संवाद