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Maharajganj News: सीमा पर पकड़ी जा चुकी है दो ट्रक से अधिक खाद, कहां से आईं कोई नहीं जानता

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कृषि विभाग के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 1162 एमटी यूरिया की खपत हुई कम
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इसी अवधि में पुलिस ने नौतनवा क्षेत्र से 350 और सोनौली व परसामलिक क्षेत्र से 50 बोरी यूरिया की बरामद
महराजगंज। एक वर्ष में 1162 एमटी यूरिया की खपत कम होने का दावा करके कृषि विभाग अपनी पीठ थपथपा रहा है। विभाग इसे अपनी योजना के बेहतर कार्यान्वयन का परिणाम बता रहा है। जबकि इसी अवधि में जबकि नौतनवां, सोनौली और परसामलिक थानों में 500 बोरी तस्करी की खाद जब्त की गई। सवाल उठता है कि यदि केवल रजिस्टर्ड किसानों को यूरिया दी गई तो यह 500 बोरी यूरिया तस्करों तक कैसे पहुंची? इसका जवाब जिम्मेदारों के पास भी नहीं है।
कृषि विभाग के अनुसार, एक अप्रैल से 30 जुलाई (खरीफ सीजन) के बीच पिछले वर्ष की तुलना में 1162 एमटी यूरिया कम खपत हुई। कृषि विभाग का कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज रकबे के हिसाब से ही किसानों को दुकान व साधन सहकारी समिति से इस बार उर्वरक वितरण प्रणाली व्यवस्था लागू की गई। इसकी वजह से खरीफ सीजन तक 2025 में 40628 एमटी यूरिया खपत हुई थी जबकि इस बार 39,466 एमटी यूरिया की खपत हुई। यानि 1162 एमटी यूरिया कम खपत हुई।
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इस दावे के बीच बॉर्डर क्षेत्र के नौतनवां, सोनौली व परसामलिक थाना क्षेत्र में कुल 500 बोरी यूरिया की जब्ती यह सवाल खड़े कर रही है। सवाल उठना लाजमी है कि जब विभाग ने रकबे के आधार पर उर्वरक वितरण व्यवस्था लागू करते हुए खपत घटाया है तो यह लगभग दो ट्रक से अधिक यूरिया (500 बोरी) लोगों ने कहां से और कैसे प्राप्त की। यह यूरिया की बोरियां सीमापार भेजने की तैयारी थी लेकिन पुलिस की तत्परता से इसे पकड़ लिया गया।
उर्वरक कारोबारी सुरेश कुमार के मुताबिक एक सामान्य ट्रक में 200 बोरी से अधिक खाद लोड होती है। 500 बोरी खाद दो ट्रक से अधिक होगी। पुलिस का कहना है कि यह खाद किसी एक तिथि को नहीं पकड़ी गई बल्कि एक अप्रैल से 30 जुलाई तक विभिन्न तिथियों में पकड़ी गई।
महज नौतनवा थाने में पकड़ी गई 350 बोरी यूरिया
नौतनवां सीओ बसंत सिंह के मुताबिक नौतनवा थाना सर्किल में सर्वाधिक 350 बोरी खाद नौतनवां थाने में पकड़ी गई। इसमें सबसे अधिक लगभग 70 बोरी खाद एसडीएम के नेतृत्व में नगर पालिका के एक वार्ड में एसडीएम के नेत्तृत्व में बरामद हुई थी। इसे तस्करी के लिए एकत्र किया गया था। इसी समय सीमा के भीतर 100 बोरी खाद सोनौली थानाक्षेत्र व 50 बोरी खाद परसा मलिक थाना क्षेत्र में पकड़ी गई। कुल 13 लोगों को उक्त उर्वरक के साथ विभिन्न तिथियों में गिरफ्तार किया गया।
डीएम के निर्देश पर अप्रैल से लागू की गई थी नई व्यवस्था

उर्वरक वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से खरीफ सीजन में डीएम गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर लागू की गई। विभाग के मुताबिक खरीफ सीजन एक अप्रैल से 30 जुलाई तक होता है। उर्वरक प्राप्त करने के लिए एक अप्रैल से खसरा खतौनी व आधार कार्ड दिखाने की व्यवस्था लागू की गई। इसी समय सीमा में एक जून से उर्वरक के लिए किसान रजिस्ट्री अनिवार्य किया गया। इस व्यवस्था के तहत एक हेक्टेयर रकबा होने पर दो बोरी यूरिया किसान को उपलब्ध कराया गया।
वर्जन
एक अप्रैल से 30 जुलाई के बीच कुल 500 बोरी खाद विभिन्न तिथियों में तस्करी के लिए ले जाने दौरान पकड़ी गईं। संबंधित खाद के साथ पकड़े गए लोग खरीद का कोई प्रपत्र नहीं प्रस्तुत कर सके। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की गई।
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-बसंत सिंह, सीओ नौतनवां।

उर्वरक वितरण व्यवस्था रकबा आधारित करने का परिणाम है कि उर्वरक की खपत घटी है। बॉ़र्डर क्षेत्र में पकड़े गए उर्वरक का संबंधित लोग प्रपत्र नहीं दिखा सके इसलिए पुलिस, एसएसबी व कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। पकड़े गए लोगों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज कराया गया। बरामदगी से यह नहीं पता चल सका कि उर्वरक जनपद के किसी दुकान से ला रहे थे अथवा बाहर से।
-शैलेंद्र प्रताप सिंह, डीएओ, महराजगंज।
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