हरपुर तिवारी में तीन कार्यों पर 46 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी, मौके पर एक भी नहीं
चकबंद कार्य में 19 मजदूरों की लगी थी ऑनलाइन हाजिरी
परतावल। ग्रामसभा हरपुर तिवारी में मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों में स्कूल वाहन चालक व मछली बेचने वाले की भी ऑनलाइन हाजिरी लगाने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं ऐसे मजदूरों का नाम भी दर्ज है जो अधिक उम्र होने के कारण चलने में असमर्थ हैं। ऐसी महिलाओं का भी नाम दर्ज किया गया है जो बिना घूंघट के बाहर नहीं निकलती हैं।
अधिकारियों के देख-रेख के अभाव में बिना काम कराए ही मनरेगा योजना के कार्यों में धड़ल्ले से फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। कार्यस्थल को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां काम हुआ है कि नहीं। हरपुर तिवारी में पिचरोड से पश्चिम बकुलहिया टोला तक चकबंद पर मिट्टी कार्य कराया जा रहा है। इस कार्य पर 19 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाई गई है। मौके पर एक भी मजदूर काम करते नहीं मिला। चकबंद के अगल-बगल गेहूं की फसल बोई गई है। आसपास फसल बोने से स्पष्ट है कि खोदाई कार्य नहीं हुआ है। चकमार्ग के शुरुआती छोर पर ही पानी जमा हुआ है। इस काम में जिन मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगी है उनमें शामिल झिनकू बीमार हैं और चल नहीं पा रहे हैं। विदेशी राजगीर मिस्त्री का काम करते हैं। राकेश गोरखपुर में एक दुकान पर काम करते हैं।
इसी प्रकार नहर से शमशान घाट व सुधाकर के खेत के पूरब ड्रेन तक नाला सफाई कार्य में भी 12 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाई जा रही है। यहां भी कोई भी मजदूर काम करते हुए नहीं मिला। नाले के बगल में शकिरुन निशा का घर है। उन्होंने बताया कि नाला गंदगी से भरा पड़ा है। कभी भी सफाई नहीं कराई जाती है। गंदगी की वजह से संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। इस कार्य में जिन मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगी है उनमें गणेश डीजे शामियाना की दुकान पर काम करते हैं। हिमांशु चौबे गोरखपुर रहते हैं और अनिल साहनी मछली बेचते हैं।
इसी प्रकार तरकुलवा सिवान से शमशान घाट होते हुए नहर तक नाला खुदाई कार्य पर 15 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाई जा रही है। यहां भी मौके पर एक भी मजदूर काम नहीं कर रहा था। इस कार्य में जिन मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगी है उनमें शामिल मथुरा राजगीर मिस्त्री का काम करते हैं। रामबदन एक निजी स्कूल में वाहन चालक हैं। इसके अलावा रम्भा, मंशा, सुनीता, मीना, अमरावती आदि कोई भी महिला कभी मनरेगा में काम नहीं करती हैं।
वर्जन
अगर जांच में ऐसा मामला सामने आया तो कार्रवाई की जाएगी। हर हाल में पात्रों को काम दिलाने का प्रयास जारी है। अभी इस तरह की शिकायत सामने नहीं आई है। -महेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी