महराजगंज। जनपद के मिठौरा ब्लॉक के निपुण आकलन को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने तीन दिन पहले निरस्त कर दिया। निरस्तीकरण की कार्रवाई से विभाग में खलबली मच गई है।
क्योंकि मिठौरा की परीक्षा निरस्त होने के बाद जिले से निपुण होने का तमगा भी छिन गया है। ब्लॉक के 12 परिषदीय स्कूलों में जनवरी 2025 में निपुण आकलन परीक्षा हुई थी, जिसमें 50 विद्यार्थियों ने सहभागिता की थी। चार दिन पहले ही बच्चों को मिठौरा बीईओ आनंद मिश्रा ने कार्यक्रम आयोजित कर पुरस्कृत किया था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जनपद के सभी परिषदीय स्कूलों को 2026 तक निपुण घोषित करना है।
इसके लिए चिह्नित स्कूलों में डायट लक्ष्य एप से निपुण आकलन करता है। जनपद के सभी ब्लाॅकों में 20-20 स्कूलों के निपुण होने पर जिले को एससीईआरटी निपुण जनपद घोषित करता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि समय-समय पर होने वाली परीक्षा में सभी ब्लॉक के स्कूल निपुण होते रहें।
लंबे इंतजार के बाद 2024 में जिले को निपुण होने का दर्जा मिला था, लेकिन 2025 में मिठौरा ब्लॉक में हुई परीक्षा की गड़बड़ी के बाद निरस्तीकरण की कार्रवाई से जनपद से निपुण होने का दर्जा वापस ले लिया गया।