परिषदीय विद्यालयों में दम तोड़ रही ‘मिशन कायाकल्प’ योजना
घुघली (महराजगंज)। ‘मिशन कायाकल्प’ योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों को मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित करने की योजना घुघली ब्लॉक में दम तोड़ती नजर आ रही है। हाल यह है कि विद्यालयों में चहारदीवारी, शौचालय, शुद्ध पेयजल, बिजली, डेस्क, बेंच आदि सुसज्जित नहीं हैं।
लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायतें इस दिशा में गंभीर नहीं हैं। कायाकल्प योजना के तहत 151 परिषदीय विद्यालयों में जरूरी काम कराने की दिशा में ग्राम पंचायत कोई रुचि दिखाई नहीं दे रही हैं। कायाकल्प योजना से न तो विद्यालय की चहारदीवारी बनी, न ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हुई। 151 परिषदीय विद्यालयों में 41 प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक में 15 विद्यालयों में अभी तक चारदीवारी नहीं बनी है। इनमें पूर्व माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालय हरखी, प्यास ग्राम सभा में चहारदीवारी नहीं बनी है।
प्राथमिक विद्यालय रामपुर व भुवनी में चहारदिवारी नहीं बनी है। प्राथमिक विद्यालय तुलसीपुर व शीतलापुर में जगह ही नहीं है की चहारदीवारी बन सके। इसी प्रकार 19 प्राथमिक, कम्पोजिट व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शौचालय नहीं बना है। यहां पर बच्चे खुले में शौच जाते हैं। 33 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय में स्वच्छ पेय जल की सुविधा नहीं है। यही नहीं, कई विद्यालय में अभी तक रंगाई- पुताई तक नहीं हुई है। भुवनी, भुवना घुघली बुजुर्ग, मेदिनीपुर, कोटिया, बरवा चमयिनिया, हरखी, प्यास आदि स्कूलों में योजना के तहत कुछ काम नहीं हुआ है।
खंड शिक्षा अधिकारी विनय शील मिश्र ने बताया कि कायाकल्प कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व सचिव की है। उन्हें बेहतर ढंग से काम कराना चाहिए। खंड विकास अधिकारी अजय श्रीवास्तव ने बताया कि मिशन कायाकल्प योजना से जिन गांव में पैसा था तो वहां के ग्राम प्रधान काम करा दिए हैं। अब जो भी काम होना है, उसे मनरेगा की रकम से कराया जाएगा। जल्द ही काम शुरू करा दिया जाएगा।