घटी पशुओं की दुग्ध क्षमता, हीट स्ट्रोक का प्रभाव, चिकित्सक ने बताया हरा चारा व ठंडा पानी जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान का सीधा असर दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन क्षमता पर पड़ रही है। तेज धूप और लू के चलते पशुओ में मिल्क ड्राप संकट उत्पन्न हो गया है। हरे चारे की कमी तथा गर्म हवाओं के कारण दुधारू पशुओं के दूध देने की क्षमता पर असर पड़ा है।
पशु चिकित्सक दुधारू पशुओं को ठंडे स्थान पर रखने तथा उन्हें ठंडा पानी पिलाने की सलाह दे रहे हैं। पशुपालकों के अनुसार गर्मी के चलते दूधारू पशुओं में 10 से 20 प्रतिशत तक दूध देने की क्षमता कम हो गई है। जिसके चलते शादी-विवाह के मौसम में दूध- दही को पैकेट बंद दूध और दही से पूरा किया जा रहा है। दूध एवं दूध से निर्मित प्रोडक्ट के दाम में उछाल देखा जा रहा है। मिल्क ड्राप के संकट के लिए गर्मी, हीट स्ट्रोक के साथ ही हरे चारे की अनुपलब्धता को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. उदयनाथ सिंह का कहना है कि गर्मी के कारण दुधारू पशुओं में मिल्क ड्राप का संकट होना स्वाभाविक है। इसके लिए पशुओं को ठंडे छायादार स्थान पर रखने तथा हरा चारा खिलाना जरूरी है। लू से पशुओं की दूध देने की क्षमता प्रभावित होती है। हरा चारा तथा छायादार स्थान न मिलना समस्या का प्रमुख कारण है। बंद कमरों में भी पशुओं को खिड़की के पास न बांधें। दोनों समय पशुओं को ठंडे पानी से स्नान जरूर कराएं। पानी भरा टब पशु बाड़े में जरूर रखें और पानी बदलते रहें।
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ज्यादातर का दूध कम हो गया
पशुपालक शिकारपुर के रामनिवास पटेल ने बताया कि उनके पास चार भैंस हैं। ज्यादातर का दूध कम हो गया है। जो भैंस एक समय में 10 किलो दूध देती थी, अब फिलहाल 6 से 7 किलो ही दूध दे रही है। परतावल के बहादुर ने कहा झुलसती गर्मी के चलते खेतों की घास जल गई है। हरे चारे का संकट है जिसके चलते पशुओं की दुग्ध क्षमता प्रभावित हो रही है। बरसात के बाद ही हालात सुधरेंगे।