महराजगंज। होली पर्व को देखते हुए खोआ बनाने के लिए दूध की खपत बढ़ गई है। पहले जहां प्रतिदिन दो लाख लीटर दूध की खपत होती थी। वहीं अब बढ़कर चार लाख हो गई है। ऐसे में पैकेट व पाउडर वाले दूध से मांग पूरी की जा रही है। इन दिनों यह कारोबार करीब एक करोड़ का हो रहा है। मिलावटी खोआ को देखते हुए लोग घर पर ही दूध से खोआ बना रहे हैं।
शहर में दूध के कारोबार की हकीकत जानने के लिए कारोबारियों के पास जाने पर यह जानकारी मिली कि पहले के मुकाबले अब पैकेट वाले दूध की खपत बढ़ी है। कारोबारी विशाल ने बताया कि पहले जहां 150 लीटर की खपत होती थी, अब 300 लीटर हो गई है। शहर में करीब 200 से अधिक दुकानों पर दूध की बिक्री की जाती है। त्योहार आने पर दूध की उपलब्धता कम हो जाती है। कंपनी वाले कभी गाड़ी नहीं भेजते हैं, तो अपनी गाड़ी भेज कर मंगाना पड़ता है। पैकेट वाले पनीर की मांग की जा रही है। शुद्धता को ध्यान में रखते हुए लोग पैकेट वाले पनीर की बुकिंग कर रहे हैं।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 3000 लीटर दूध का उत्पादन होता है। विभागीय योजनाओं से 21 डेयरी का संचालन होता है। शहर में रोजाना दुकानों से घरों तक करीब तीन लाख लीटर दूध की खपत होती है। इसकी पूर्ति के लिए धंधेबाज व्यवस्था करना शुरू कर दिए हैं। रेडिमेड पनीर की मांग ज्यादा होती हैं क्योंकि दुकानों पर पनीर नहीं मिल पाता हैं। ऐसे में लोग रेडिमेड पनीर की खरीदारी कर रहे हैं। किराना व्यापारी सुरेश निगम ने बताया कि होली में सूजी और मैदा का डिमांड ज्यादा है। पापड़, मसाला और तेल की खरीदारी ज्यादा लोग कर रहे हैं।
शास्त्री नगर मोहल्ले के रामनरेश ने बताया कि बाजार में अशुद्ध खाद्य पदार्थों की भरमार है। ऐसे में सेहत को नुकसान न हो, इसे ध्यान में रखते हुए घर पर ही दूध से खोआ बनाने की व्यवस्था की गई है। इधर दूध भी ठीक नहीं मिल रहा है तो पैकेट वाले दूध का इंतजाम किया हूं।
जिले में 2,49,000 पशु हैं। इसमें दूध देने वाले करीब 30,000 पशु हैं। इसके अलावा डेयरी भी संचालित है। उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका व्यापक असर दिखेगा।
डॉ. हौसिला प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी