बरसात में नारायणी, गंडक नदी में उफान आने पर सीमावर्ती क्षेत्रों में फसलों को होता है नुकसान
निचलौल। ब्लॉक स्थित मिश्रौलिया गांव के किसानों ने मंगलवार को छोटी गंडक नदी की सफाई को लेकर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बरसात के दिनों में फसलों की बर्बादी रोकने के लिए यह मांग की है।
किसान डॉक्टर रतनलाल श्रीवास्तव ने बताया कि बरसात में नारायणी, गंडक नदी में उफान आने पर सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी तबाही मचती है। इससे मिश्रौलिया-गूलरभार का सिवान पानी में डूब जाता है और खेतों में लगी गन्ना और धान की फसलें नष्ट हो जाती हैं। साथ ही गांव में बाढ़ आने की आशंका बढ़ जाती है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अंबरीश तिवारी के अनुसार, नारायणी गंडक नदी की देवरिया शाखा के अमडी पुल से निकली छोटी गंडक नदी मिश्रौलिया टोला गुलभार के सिवान से होते हुए ढेशो पुल से सिसवा की ओर जाती है। इसके साइफन की सफाई विगत कई वर्षों से नहीं हुई है। सफाई न होने के चलते बरसात में छोटी गंडक का जलस्तर बढ़ने पर साइफन का बांध जगह-जगह टूट जाता है। इससे किसानों की फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो जाती हैं। किसानों ने जिलाधिकारी से साइफन की तत्काल सफाई कराने का अनुरोध किया है। इस मौके पर किसान अरविंद पांडेय, अशोक पांडेय, राजेश्वर तिवारी, राज किशोर, छोटेलाल पासवान मौजूद रहे।