स्कूलों की जांच करने पहुंची बीएसए।
महराजगंज। गांव के परिषदीय स्कूलों को ग्राम प्रधान व कोटेदार सहयोग नहीं दे रहे जिससे कुछ स्कूलों में मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा। लेकिन संबंधित स्कूल प्रधानाध्यापक व बीईओ इसकी जानकारी विभाग तक नहीं पहुंचा रहे। इसकी जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी के औचक निरीक्षण में मिली जिसपर उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी परतावल को नोटिस देकर कारण पूछा है।
उन्होंने परतावल व पनियरा के कुल पांच स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जिसमें सिर्फ एक स्कूल ऐसा मिला जिसमें पढ़ाई का स्तर ठीक था बाकी अन्य की गुणवत्ता खराब मिली। परिषदीय स्कूलों की सत्र परीक्षा का समय शासन की तरफ से आगे बढ़ाने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता जांचने की कवायद शुरू की। परतावल के प्राथमिक स्कूल कोटवां में 74 नामांकन के सापेक्ष 45 उपस्थिति मिली। स्कूल की सफाई खराब व शिक्षा गुणवत्ता भी निम्न स्तरीय पाई गई। प्रधानाध्यापक ने कहा कि प्रधान सोफिया स्कूल के कायाकल्प व सफाई व्यवस्था के लिए कोई सहयोग नहीं कर रहीं जिससे सफाई व रंग रोगन नहीं मिला। आंगनबाड़ी बंद व बच्चे खेलते मिले।
कंपोजिट सिकिया मलमलिया में भी आंगनबाड़ी कक्ष बंद मिला। 160 नामांकन के सापेक्ष 110 की मौजूदगी मिली। बिजली का कनेक्शन नहीं मिला। बालिका शौचालय व यूरिनल का उपयोग सफाई न होने से निष्प्रयोज्य मिला। प्रधानाध्यापक ने बताया कि प्रधान रामचंद्र के सहयोग न करने से स्कूल की स्थिति खराब है। गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रधानाध्यापिका फिरदौस को चेतावनी दी। परतावल के प्राथमिक स्कूल महदेवा में 69 नामांकन के सापेक्ष 35 की उपस्थिति मिली। स्कूल की रंगाई नहीं हुई थी। बच्चों ने बताया कि स्कूल में पिछले चार दिन से एमडीएम नहीं बन रहा।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि कोटेदार राशन नहीं दे रहा जिसकी जानकारी बीईओ को दी गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बीईओ की लापरवाही पर नोटिस जारी कर संज्ञान न लेने का कारण पूछा। बभनौली बुजुर्ग वनटांगियां क्षेत्र में 70 नामांकन के सापेक्ष 52 की मौजूदगी मिली शिक्षा स्तर यहां ठीक मिला लेकिन बिजली कनेक्शन यहां भी नहीं मिला। पनियरा के बनडीला कंपोजिट में 231 नामांकन के सापेक्ष 177 मौजूदगी मिली। कक्षा छह से आठ तक की शिक्षा गुणवत्ता खराब मिली स्मार्ट क्लास संचालन न होने पर प्रधानाध्यापक को चेतावनी दी। पनियरा बीआरसी में चल रहे आकलन प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। दो कमरों में 50-50 के बैच में ब्लाॅक स्तरीय शिक्षकों का प्रशिक्षण 5 एआरपी करते मिले।