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मौसम में उतार चढ़ाव से बुखार से पीड़ित हो रहे मासूम

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मौसम में उतार चढ़ाव से बुखार से पीड़ित हो रहे मासूम
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अस्पतालों में ओपीडी बंद होने से बढ़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। मौसम में उतार चढ़ाव के चलते अधिकांश मासूम बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद होने से बीमार मासूम बच्चों के परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों को बुखार आने पर चिंता न करें, बल्कि परामर्श लेकर उन्हें तुरंत दवा देना शुरू कर दें। उन्हें स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार देने के साथ शाम को दूध देना न भूलें।
सीएचसी के चिकित्सक डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि बच्चों को बुखार आने पर माता-पिता कोरोना की आशंका से परेशान हो जा रहे हैं। जबकि इन दिनों मौसम में हो रहे उतार चढ़ाव के चलते उन्हें वायरल बुखार की परेशानी हो रही है। बच्चों में कोरोना संक्रमण की खतरा बहुत कम होता है। इस समय बच्चे घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में संक्रमण माता-पिता द्वारा ही घर तक पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि अगर बच्चे को दस्त हो रही हो, बार बार छींक आ रही हो, चेहरा लाल पड़ गया हो, बुखार हो तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। बल्कि तत्काल किसी चिकित्सक से संपर्क कर दवाएं शुरू कर दें। दो से तीन दिन के अंदर आराम मिल जाएगा। बाल्यावस्था में बच्चों का शरीर तेजी के साथ विकसित होता है। इसलिए उन्हें खेलकूद के साथ पोषक आहार की जरूरत होती है।
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सवाधान बरतने की जरूरत
सीएचसी में तैनात डॉ. विवेक गुप्ता ने कहा कि बच्चों को गर्म पानी पिलाने की आदत डालें, शरीर में पानी की कमी न होने दे, बच्चों को कोल्डड्रिंक का सेवन न करने दें, बच्चों को बढ़ती उम्र के साथ उन्हें पोषक आहार दें, सुबह नाश्ते में सुखा मेवा और शाम को दूध अवश्य दें।
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