निचलौल। शहर स्थित मारवाड़ी धर्मशाला परिसर में शनिवार को राणी सती दादी के मंगलपाठ का आयोजन किया गया, जिसमें मारवाड़ी समाज की सैकड़ों सुहागिन महिलाओं ने एक ही तरह के परिधान धारण कर मां का मंगल पाठ किया। इसमें काफी संख्या में लोगों ने भाग लेकर प्रसाद भी ग्रहण किया। मंगलपाठ के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
राणी सती दादी का मंगलपाठ करते हुए पंडित विद्याधर पांडेय ने बताया कि इस पाठ को पढ़ने व सुनने मात्र से ही प्राणियों का जीवन धन्य हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि द्वापर युग में महाभारत के समय अभिमन्यु चक्रव्यूह भेदने के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनकी पत्नी उत्तरा ने गर्भवती होते हुए भी सती होने की इच्छा जाहिर की थी, जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने रोकते हुए उत्तरा को वरदान दिया कि कलयुग में तुम्हारा जन्म होगा। कलयुग के संवत 1338 भादो अमावस्या के दिन नारायणी बाई के रूप में उनका जन्म हुआ। बचपन में ही नारायणी बाई ने सभी वेदों का पाठ कर लिया था। शादी के बाद उनके पति को मार दिया गया। इसके बाद मां नारायणी अग्नि में सती हुईं। मां नारायणी के सतीत्व के कारण उनकी पूजा आज भी होती है। मंगल पाठ के दौरान भजन गायक मनोज पांडेय ने भी मां के चरणों में हाजिरी लगाते हुए अपने मनमोहक भजनों व मंगलपाठ से उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर तारा देवी अग्रवाल, संतोषी देवी कलकतिया, विजयलक्ष्मी मद्धेशिया, निकिता, विनीता, शोभा चेयरमैन प्रतिनिधि सुनील मद्धेशिया मुन्ना, मनीष खड़कियां आदि मौजूद रहे।