महराजगंज। शहर से लेकर नेपाल बॉर्डर तक हाईवे के दायरे में आने वाले मकान दुकानों को चिह्नित कर लाल निशान लगा दिया गया। टीम इसका मूल्यांकन कर रही है।
इसमें देखा जा रहा है कि मकान की स्थिति कैसी है, इसका मुआवजा कितना दिया जा सकता है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद मुआवजा दिया जाएगा। शहर में सक्सेना चौक से लेकर मऊपाकड व धनेवा तक हाईवे के दायरे में आने वाले मकान दुकानों पर लाल निशान लगाए जा चुके हैं।
बृहस्पतिवार को शहर में सक्सेना चौक से आगे बढ़ने पर धर्मेंद्र वर्मा मिले। उन्होंने बताया कि शहर में सड़क की चौड़ाई से अधिक नुकसान नहीं हो रहा है। किसी का दो फीट तो किसी का चार से पांच फीट दायरे में आ रहे हैं।
इससे अधिक नुकसान नहीं हो रहा है। वहीं शरद चंद पटेल ने बताया कि लगभग सभी मकानों दुकानों पर लाल निशान लग चुके हैं। अब संपत्तियों का मूल्यांकन हो रहा है। टीम की ओर से मकान के बारे में जानकारी ली जा रही है।
मकान में टाइल्स लगने, मकान स्थिति आदि के बारे में जानकारी ली जा रही है। वहीं उमाशंकर, दुर्गेश अग्रहरि के दुकान पर लाल निशान लगाए गए हैं। इन लोगों ने बताया कि तीन फीट अंदर आ रहा है।
आगे के हिस्से का सर्वे भी हो चुका है। इसके पहले तो करीब आठ फीट दुकान के अंदर निशान लगा था। सड़क की चौड़ाई कम होने से कुछ राहत मिली है। इन लोगों ने कहा कि सड़क बनने के बाद बार्डर तक वाहन फर्राटा भरेंगे। ी