घुघली। ब्लॉक क्षेत्र के मंगलपुर पटखौली गांव में 31 साल पहले बनी व्यायामशाला उदासीनता की भेंट चढ़ गई है। 31 साल बीतने के बाद भी यहां न तो किसी खेल प्रशिक्षक की नियुक्ति हो पाई और न ही व्यायामशाला के सामान की सुरक्षा के लिए संरक्षक नियुक्त किया गया। जिम्मेदारों की उदासीनता से ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं का नुकसान हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 1994 में मंगलपुर पटखौली के प्राथमिक विद्यालय से सटी एक एकड़ की भूमि में व्यायामशाला का निर्माण कराया गया और कुछ खेल उपकरण भी लगाए गए। व्यायामशाला की देखरेख नहीं की गई तो उपकरण धीरे-धीरे लापता हो गए। दरवाजे और खिड़कियां टूट गईं। खिलाड़ियों के लिए यहां केवल दौड़ का मैदान भर गया है। सुबह-सुबह गांव के बच्चे यहां दौड़ लगाने के लिए आते हैं। खिलाड़ियों ने कहा कि अगर खेल उपकरण होता तो परेशानी नहीं होती। खिलाड़ी संदीप सिंह ने बताया कि खेलने का सामान नहीं होने से व्यायामशाला का महत्व ही समाप्त हो गया है। हम लोग यहां सिर्फ दौड़ लगाने के लिए आते हैं। खिलाड़ी अजय श्रीवास्तव ने बताया की सुविधा के अभाव में अधिकांश खिलाड़ी व्यायामशाला जाने से कतराते हैं। जिम्मेदारों की उपेक्षा से व्यायामशाला की न तो चहारदीवारी बन पाई और न ही इसका पुनरुद्धार ही हो पा रहा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुमेर सिंह ने बताया कि बजट ही नहीं है तो इसे कहां से बनवाया जाए। व्यायामशाला जिस तरह है, वही ठीक है।