बाढ़ में बही पुलिया, साहब ने नहीं दिया ध्यान तो लोगों ने बांस से बांस जोड़ बना लिया रास्ता
महराजगंज। सोहगीबरवां! वन संपदा का धनी यह क्षेत्र महराजगंज जिले की पहचान है। जहां भी जिले का जिक्र आता है लोगों के जेहन में सोहगीबरवां की तस्वीर घूम जाती है। लेकिन बहुमूल्य पेड़-पौधों से लेकर वन्यजीवों तक का पनाहगाह यह क्षेत्र अपने बाशिंदों को निवास की मूलभूत सुविधाएं दे पाने में असमर्थ है। यहां के लोगों को गांव से बाहर निकलने के लिए छोटी पुलिया भी नहीं है। वैसे प्रशासन ने इनकी सुविधा के लिए चार स्थानों पर पुलिया का निर्माण कराया था, लेकिन बेरहम बाढ़ बहा ले गई। लोगों ने प्रशासन को अपना दुखड़ा सुनाया पर लंबे समय तक ‘साहब’ का दिल नहीं पसीजा तो मजबूर ग्रामीणों ने बांस की पुलिया बना आवागमन का साधन जुटा लिया।
सोहगीबरवां गांव तक जाने के लिए दो स्थानों पर बनाई गई बांस की पुलिया अब यहां के लोगों की लाइफ लाइन बन चुकी है। इनका निर्माण लोगों ने अपने खर्चे पर किया है। ग्रामीण लोरिक और राजू ने बताया कि दुर्गम क्षेत्र में बसा सोहगीबरवां का टापू तीन गांव शिकारपुर, भोतहा और सोहगीबरवां में बंटा हुआ है। तीनों गांवों के कुल 12 टोले दौंनहवा, पिपरासी, मुजा टोला, भोतहा टोला, कठबांसी, बाजार टोला, बाबू टोला, पश्चिम टोला, नौका टोला, धर्मपुर, मटियरवा और बकुलहिया हैं। यहां 8200 मतदाता हैं, जबकि आबादी करीब 22 हजार है। सोहगीबरवां की ग्राम प्रधान शांति देवी ने बताया कि बरसात के मौसम में बाढ़ की वजह से पुलिया और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जा चुकी है। निर्माण कार्य के लिए धन आ गया है। जल्द ही क्षतिग्रस्त पुलिया सहित अन्य कार्यों को पूरा कराया जाएगा।
मुजा टोला को जोड़ने वाली पुलिया ध्वस्त
सोहगीबरवां बाजार से भोतहा गांव को जोड़ने वाली सड़क पर मुजा टोला के पश्चिम मुख्य मार्ग पर बनी पुलिया बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गई। जिसके बाद लोगों का इस मार्ग से आवागमन ठप हो गया। काफी इंतजार के बाद जब प्रशासन ने नई पुलिया का निर्माण नहीं कराया तो लोगों ने बांस-बल्ली की पुलिया बना ली। ग्रामीण विनय सिंह, वर्मा यादव ने कहा कि पुलिया से आने-जाने में गिरने का डर रहता है।
बरसात में बह गई थी पुलिया
बरसात में पानी के तेज बहाव के चलते बाबू टोला से सोहगीबरवां के बीच मुख्य मार्ग पर बनी पुलिया बह गई थी। ग्रामीण अयूब अंसारी और साकिर का कहना है कि जिम्मेदारों की उदासीनता देख लोगों ने बस्ती से बाहर निकलने के लिए बांस से पुलिया का निर्माण कर लिया है, लेकिन यह समस्या का समाधान नहीं है। पुलिया से गिरकर कई लोग घायल हो चुके हैं।
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छह माह से अधूरी पड़ी है पुलिया
सोहगीबरवां से निचलौल की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग पर नौका टोला के पश्चिम करीब छह माह से पुलिया अधूरी पड़ी है। कई बार शिकायत के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा रहा। लोगों को सड़क से नीचे उतरकर गड्ढे के रास्ते होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीण रामचंद्र और मुनीब का कहना है कि कुछ दिन पूर्व गांव के एक मासूम बालक अधूरी पुलिया से गिरकर घायल हो गया था।
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जान जोखिम में डालकर पार करते हैं नाला
सोहगीबरवां से बिहार जाने वाले मार्ग पर रोहुआ नाला के निकट बनी पुलिया भी बाढ़ में बह गई थी। इसे अभी तक ठीक नहीं कराया गया है। ग्रामीण चंद्रिका और इंद्रजीत का कहना है कि ग्रामीणों की समस्याओं के प्रति जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। नाव से नाले को पार करना पड़ता है। जब नाव नहीं रहती जान जोखिम में डालकर लोग नाले से होकर घर तक पहुंचते हैं।
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मौके पर सत्यापन कराने के बाद जो भी समस्याएं हैं, उनका निदान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। गांव में जल्द ही कैंप लगाया जाएगा।
- सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी