महराजगंज। अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम से ऋण लेने वालों पर विभाग की नजर टेढ़ी हुई है। विभागीय मदद से कुल 371 ने ऋण लिया था, जिसमें सिर्फ 27 ने ही ऋण वापसी किया है। सात कर्जदारों की मृत्यु हो गई है।
वहीं, 87 को डिफाॅल्टर घोषित कर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। साथ ही सभी को नोटिस जारी की है। शासन को रिपोर्ट भेजने की स्थिति में अब कोई भी कार्रवाई हो सकती है। विभाग की सख्ती से बकायेदारों में हड़कंप मच गया है।
रोजगार के लिए अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम से ऋण लेकर चुकता न करने वालों की सूची विभाग ने शासन को भेजी है।
इन पर ऋण का छह करोड़ रुपये का बकाया है, जिसे वे जमा नहीं कर रहे हैं। इनसे अब सख्ती के साथ वसूली होगी। 1995 में उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम ने टर्म लोन योजना प्रभावी की।