महराजगंज। जिले की स्थापना दिवस के अवसर पर होने वाले महराजगंज महोत्सव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है सहभागिता कर प्रस्तुति देने वाले युवा जोश से भरते दिख रहे हैं। अपने कार्यक्रम का रिहर्सल वह तेज कर चुके हैं, जिससे कार्यक्रम में कोई कमी न रह जाए। जिले के सबसे बड़े मंच पर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों से वार्ता कर यह जानने का प्रयास किया कि वह खुद को बेहतर साबित करने के लिए क्या तैयारी कर रहे हैं।
सदर ब्लाॅक के लेदवां निवासी पवन राज की उम्र 23 वर्ष है। संगीत में रूचि रखने के कारण वह महराजगंज महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे हैं। बताया कि वह महोत्सव में एक सूफी गीत प्रस्तुत करेंगे। यह आमिर खुसरो की रचना है। गाने की प्रस्तुति देने की तैयारी वह आईने के सामने खड़े होकर कर रहे हैं, जिससे मंच पर नर्वश न होने पाएं। गाने में कहां उतार है और कहां चढ़ाव गाना बार-बार सुन रहे हैं। लय और ताल पर विशेष ध्यान दें रहे हैं।
शितलापुर भट्ठी टोला की करीना प्रियदशी गोरखपुर विश्वविद्यालय से संगीत विषय से बीए कर रही हैं। बताया कि वह महोत्सव में देशभक्ति पर आधारित गीत की प्रस्तुति महोत्सव में देंगी। पहली बार ढेर सारे लोगों के सामने प्रस्तुति देने की बात सोचकर कुछ डर तो लग रहा है, लेकिन बेहतर करने की बात सोचकर खुद को मजबूत किए हुए हैं। गीत के लय और ताल तथा कहां ठहराव लाना है इसकी तैयारी बेहतर करने के लिए तय गाना बार-बार सुनती हैं और दोहराव करती हैं।
शिक्षक पंकज मौर्य महराजगंज महोत्सव में दूसरी बार शामिल हो रहे हैं इस कारण वह उत्साह से लवरेज हैं। वह व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की लिखित नाट्य भोला नामका जीव का निर्देशन कर रहे हैं। वह इसमें रोल भी कर रहे हैं। बताते हैं कि इस नाटक में पात्रों की अधिकता है। इसलिए वह खुद तो तैयारी कर ही रहे हैं अन्य पात्रों से भी तैयारी करानी पड़ रही है। राहत की बात यही है कि सभी पात्र नौकरीपेशा व उम्रदराज हैं। इससे किसी पात्र के नर्वस होने की संभावना नहीं है।
मिठौरा की रहने वाली मिष्ठी राजस्थानी गीत पर नृत्य प्रस्तुत करेंगी। बताती हैं कि वह लगातार डांस करके तैयारी बेहतर करने के लिए कर रही हैं। घर वालों और शिक्षक के सामने नृत्य करके दिखाने से जहां त्रुटियां हो रही हैं वहां की जानकारी मिल जाती है और सुधार होता है।