महराजगंज। जनपद मुख्यालय पर बेहतर परिवहन सुविधा न मिल पाने का मलाल लोगों को आज भी है। लंबे समय के बाद महराजगंज शहर को रेल मार्ग से जोड़ने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। दूसरी ओर दिन ढलने के बाद महराजगंज शहर का संपर्क परिवहन सेवा से कट जाता है। इससे लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं।
वहीं दूसरी ओर ट्रेन की सुविधा के लिए लोगों को 20 किमी घुघली, 30 किमी फरेंदा जाना पड़ता है। दिन ढलने पर फरेंदा के लिए कोई बस नहीं मिलती है। महाराजगंज में नई रेलवे लाइन के निर्माण से जिले की जनता को आवागमन में सुविधा होगी और यह रेल नेटवर्क से सीधा जुड़ाव होगा, जिससे छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भी लाभ होगा।
वर्तमान समय की बात करें तो आठ बजे के बाद रोडवेज की सेवा भी गोरखपुर के लिए ठप हो जाती है। इससे लोगों को परेशानी होती है। गाड़ी बुक करने में दो से तीन हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यहां के लोगों को आज भी बेहतर परिवहन सुविधा की उम्मीद है।
महराजगंज डिपो में करीब 60 बसे हैं। गांधी नगर के महेंद्रानंद जायसवाल ने बताया कि जिले में परिवहन सुविधा बेहतर होने की उम्मीद आने वाले दिनों में दिख रही है। वर्तमान में तो समस्या हो रही है।
महराजगंज जिला मुख्यालय से रात में कहीं आने-जाने में दुश्वारियां होती हैं। शास्त्री नगर के वीरेंद्र कहते हैं कि परिवहन की समस्या भी दूर हो जाएगी। सेवानिवृत रेल कर्मी मोती लाल कहते हैं कि जिले की उत्तरी सीमा नेपाल और दक्षिणी गोरखपुर से मिलती है। जबकि पूर्वी सीमा पर बिहार और पश्चिमी सीमा सिद्धार्थनगर जिले से लगी हुई है।
इस नई रेल लाइन के बन जाने से 11 नगर निकायों वाले इस जिले की कारोबारी गतिविधियों को बल मिलेगा। नारायणी, गंडक, राप्ती, चंदन, प्यास, घोंघी और डंडा जैसी नदियों के किनारे बसे यहां के लोगों के लिए रेल लाइन वरदान साबित होगी।