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सस्ती दवा देने के दावे हवाहवाई
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महराजगंज। जिले में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बदहाल है। यहां नाम मात्र की दवाई उपलब्ध है। लोगों को सस्ती दवाई देने के दावे हवाहवाई साबित हो रहे हैं। कोई चक्कर लगा-लगाकर थक गया, तो मजबूरी में अन्य दुकानों पर महंगे दामों में जरूरत की दवाई खरीदने को विवश है। केंद्र पर ज्यादातर दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों में नाम मात्र की दवाएं ही उपलब्ध हैं। यहां पर एलर्जी, संक्रमण और फंगल समेत कई बीमारियों की दवा नहीं है। सीएचसी पर इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी सस्ती दवाई नहीं मिल पा रही है। मजबूरन बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने को मजबूर हैं।
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प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की शुरूआत लोगों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं के दामों में जमीन आसमान का अंतर होता है। कई लोगों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वह ब्रांडेड दवाएं खरीद सकें, ऐसे लोगों को जेनेरिक दवाएं काफी राहत देती हैं।
मंगलवार को जिला अस्पताल एवं निचलौल सीएचसी में ओपीडी के कुछ डॉक्टरों ने मरीजों को दवाएं अस्पताल व जन औषधि केंद्र की लिखी थी, लेकिन वर्तमान स्थिति में जन औषधि केंद्र पर सेटरिजिन, मेट्रोजिल, फ्लू कोनाजोल समेत अन्य दवाएं नहीं है। इसलिए मरीजों व उनके तीमारदारों को दवाएं बाहर से महंगे दामों में खरीदनी पड़ रही है। यह सभी दवाएं एलर्जी, मौसमी बुखार, मुंह में संक्रमण, घाव व अल्सर समेत कई बीमारियों में काम आती है।
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बिलिंग बंद होने के कारण कुछ दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्हें जल्दी मगांने की कोशिश की जा रही है। यहां आने मरीजों को जरूरत की दवाएं दी जाती है। सस्ती दवाई उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास जारी है।
अंकित मिश्रा, संचालक, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र महराजगंज
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जरूरत पड़ने पर जन औषधि केंद्र से ही दवा खरीदता हूं, लेकिन इन दिनों डाइक्लोफेनक्स सोडियम, मेट्रोजिल नहीं मिल रही है। इसके बारे में करीब एक माह से हर रोज पता करता हूं। केंद्र पर नहीं मिली तो बाहर से दवा खरीदी।
मोहम्मद असलम, धनेवा धनेई
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सेलकाल दवा हड्डी मजबुत करने के काम आती है, लेकिन केंद्र पर यह दवा नहीं मिल रही है। अगर यहां दवा मिलती तो सस्ते में काम चल जाता, लेकिन अन्य दुकानों पर खरीदने पर ज्यादा रकम देनी पड़ती है।
रामसवारे, विस्मिल नगर
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प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर इन दिनों जरूरत की दवाएं नहीं मिल रही है। मेट्रोजिल नहीं मिली तो बाहर से खरीदी। केंद्र पर गया तो इसके स्थान पर दूसरी मिल रही थी, लेकिन नहीं खरीदी।
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राजकमल, डोमा
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केंद्र पर दवाएं सस्ती मिलती हैं, लेकिन जब दवा ही पूरी नहीं रहेगी तो दूसरी दुकानों से खरीदना मजबूरी होगी। सरकार ने अच्छी व्यवस्था की है, लेकिन जिम्मेदारों को लोगों की समस्याएं दूर करने की परवाह नहीं है।
इंद्रजीत गुप्ता, खोन्हौली
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